ख़बरें जन सरोकार की…!

Advertisement

उत्तराखंड पहुंच रहे एनएसए अजीत डोभाल और सीडीएस जनरल सुब्रमणि, गढ़वाल राइफल्स के कार्यक्रम में करेंगे शिरकत

एनएसए अजीत डोभाल और सीडीएस जनरल एनएस राजा सुब्रमणि लैंसडाउन में गढ़वाल राइफल्स के एक कार्यक्रम में भाग लेंगे.

देहरादून: उत्तराखंड में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल और चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (सीडीएस) जनरल एनएस राजा सुब्रमणि के दौरे का कार्यक्रम प्रस्तावित है. तय कार्यक्रम के अनुसार ये दोनों ही अफसर पौड़ी जिले में पहुंच रहे हैं. जिसमें वह गढ़वाल राइफल के प्रस्तावित कार्यक्रम में शिरकत करेंगे.

उत्तराखंड के लिए आने वाले दो दिन खासे अहम होने जा रहे हैं. देश की सुरक्षा और रक्षा व्यवस्था से जुड़े दो प्रमुख अधिकारी उत्तराखंड के दौरे पर पहुंच रहे हैं. प्रस्तावित कार्यक्रम के अनुसार राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल और चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल एनएस राजा सुब्रमणि 19 सितंबर को पौड़ी जिले के लैंसडाउन पहुंचेंगे. दोनों अधिकारियों के लैंसडाउन दौरे को गढ़वाल राइफल्स से जुड़े कार्यक्रम के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है. प्रस्तावित कार्यक्रम के अनुसार यहां गढ़वाल राइफल्स के कार्यक्रम में दोनों अधिकारी शिरकत करेंगे.

इस दौरान अग्निवीरों से संवाद का कार्यक्रम भी प्रस्तावित है. ऐसे में यह दौरा सेना के प्रशिक्षण और भर्ती व्यवस्था से जुड़े युवाओं के लिए भी अहम माना जा रहा है.कार्यक्रम के मुताबिक राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल और सीडीएस जनरल सुब्रमणि 19 सितंबर को लैंसडाउन पहुंचेंगे. दोनों अधिकारियों के लैंसडाउन में रात्रि विश्राम का भी कार्यक्रम प्रस्तावित है. इसके बाद 20 सितंबर को दोनों अधिकारी वापस दिल्ली के लिए रवाना होंगे.

लैंसडाउन लंबे समय से भारतीय सेना की महत्वपूर्ण छावनी के तौर पर जाना जाता है और यहां गढ़वाल राइफल्स का प्रमुख केंद्र भी है. ऐसे में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार और चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ का एक साथ यहां पहुंचना खास माना जा रहा है.हालांकि यह पूरा कार्यक्रम प्रस्तावित है और इसमें अंतिम स्तर पर बदलाव भी संभव है. फिलहाल सुरक्षा और प्रशासनिक स्तर पर दोनों अधिकारियों के दौरे को लेकर तैयारियां की जा रही हैं.

अजीत डोभाल का जीवन परिचय: अजीत डोभाल का जन्म 20 जनवरी 1945 को उत्तराखंड के पौड़ी गढ़वाल में हुआ था. उनके पिता मेजर जी.एन. डोभाल भारतीय सेना में अधिकारी थे. अजीत डोभाल की प्रारंभिक पढ़ाई अजमेर के सेना स्कूल से हुई. बाद में उन्होंने आगरा यूनिवर्सिटी से अर्थशास्त्र में स्नातकोत्तर की डिग्री हासिल की. अजीत डोभाल की जिंदगी का सबसे चर्चित अध्याय पाकिस्तान में उनका 7 साल का अंडरकवर मिशन रहा है, जहां उन्होंने एक जासूस के रूप में रहकर कई अहम जानकारियां जुटाईं.

इसके अलावा जम्मू-कश्मीर में भी उन्होंने आतंकवाद के खिलाफ बड़ी भूमिका निभाई, जहां उन्होंने कई आतंकियों को आत्मसमर्पण करने पर मजबूर किया.ऑपरेशन ब्लू स्टार, कंधार विमान हाईजैक और पाकिस्तान में की गई सर्जिकल स्ट्राइक जैसे बड़े ऑपरेशन्स में भी उनकी अहम रणनीतिक भूमिका रही है. 30 मई 2014 को जब नरेंद्र मोदी देश के प्रधानमंत्री बने, तो उन्होंने अजीत डोभाल को देश का 5वां राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) नियुक्त किया. वीरता और साहसिक कार्यों के लिए अजीत डोभाल को सैन्य सम्मान ‘कीर्ति चक्र’ से सम्मानित किया जा चुका है. यह प्रतिष्ठित सम्मान पाने वाले वह पहले पुलिस अधिकारी हैं.