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post authorAdmin 09 Oct 2023

आयोजित हुआ 2023 'चिट्ठी' सम्मान समारोह, समारोह में नन्द किशोर ढौंडियाल हुए सम्मान .

हर वर्ष की भाती इस वर्ष भी गढवाली साहित्य, समाज और संस्कृति के लिए समर्पित संस्था 'चिट्ठी' की ओर से दून पुस्तकालय एवं शोध संस्थान के सभागार में उत्तराखंड के छठवें 'चिट्ठी सम्मान समारोह और कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया। लगभग 3 घंटे चले इस कार्यक्रम में सर्वप्रथम गढ़रत्न नरेन्द्र सिंह नेगी और अन्य अतिथियों ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम की शुरुआत की। कार्यक्रम में गढ़रत्न नरेन्द्र सिंह नेगी, घनसाली के उपजिलाधिकारी शैलेन्द्र नेगी, कांग्रेस प्रदेश सचिव कवीन्द्र इष्टवाल, भाजपा युवा मोर्चा नीरज पंत, भी मौजूद रहे। चिट्ठी-पत्री के प्रधान संपादक मदन डुकलाण ने सभी अतिथियों का स्वागत किया और इसके बाद हिन्दी और गढ़वाली में निरन्तर अध्यापन और सृजन कर रहे नन्द किशोर ढौंडियाल 'अरुण' को चिट्ठी सम्मान 2023 से सम्मानित किया गया जिस पर उन्होंने चिट्ठी संस्था, कवि सम्मेलन में पहुंचे कवियों और श्रोताओं का धन्यवाद किया और कहा कि गढ़वाली भाषा एक समृद्ध भाषा है।

कार्यक्रम में चिट्ठी-पत्री 2023 के वार्षिक अंक का लोकार्पण किया गया। इस अंक का परिचय देते हुए चिट्ठी-पत्री के उप संपादक आशीष सुन्द्रियाल ने कहा कि इस अंक में वर्तमान में जितने भी विधाओं लेख, कथा, कविता, गीत, गजल, व्यंग्य व यात्रा संस्मरण आदि में गढ़वाली में लिखा जा रहा है सभी को समाहित करने का प्रयास किया गया है। वहीं कार्यक्रम में मौजूद रहे घनसाली के उपजिलाधिकारी शैलेन्द्र सिंह नेगी ने कहा कि आज यह हमारे लोग साहित्य, लोक बोलियां, और पहाड़ की जो संस्कृति है उसे दिखाने और उससे आगे बढ़ाने के लिए यह एक बहुत बड़ा प्लेटफार्म है और समय-समय पर ऐसे कार्यक्रम होने चाहिए जिसके माध्यम से हमारे पहाड़ों में रह रहे रचनाकारों को एक मौका भी मिलेगा।

सम्मान समारोह के बाद कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया जिसमें गढ़वाली के लब्धप्रतिष्ठित कवियों ने अपने कविताओं का पाठ किया। इसमें गढ़रत्न नरेन्द्र सिंह नेगी ने अपनी कविता से एक बार फिर सबका दिल जीता और साथ ही दिल्ली से आये कवि दिनेश ध्यानी, रमेश घिल्डियाल, पौड़ी से हास्य कवि हरीश जुपाल, और अन्य कवियों ने अपनी-अपनी रचनाओं का पाठ किया। चिट्ठी-पत्री के प्रधान संपादक मदन डुकलाण ने जानकारी देते हुए बताया कि इस साल चिट्ठी सम्मान समारोह का छटवा साल है इसके साथ ही सन 85 से चिट्ठी पत्रिका निकली जा रही है। साथ ही उन्होंने कहा कि हमें किताब पढ़ने की आदत डालनी चाहिए तभी हम कुछ अच्छा लिख पाते है।   

वंही कार्यक्रम में घनसाली के उप जिलाधिकारी शैलेंद्र सिंह नेगी के जन्मदिन को भी मनाया गया और सभी ने उनको बधाई देकर उनकी दीर्घायु की कामना की उत्तराखंड की संस्कृति को आगे बढ़ाने के लिए की जा रही इस पहल की सभी ने सराहना की। साथ ही हमें अपनी बोली में अच्छा साहित्य सृजित करना चाहिए क्योंकि अगर हमारी बोली भाषा में अच्छा साहित्य लिखा जाएगा, एक स्तरीय साहित्य लिखा जाएगा तो लोग उसको पढ़ने के लिए प्रेरित होंगे और लोग उसको जानेंगे।