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post authorAdmin 04 May 2025

दुष्कर्म पीड़िताओं को आत्मनिर्भर बनाएगी सरकार, 23 वर्ष की आयु तक हर माह मिलेगा 4000 रुपये पोषण भत्ता.

उत्तराखंड में दुष्कर्म का शिकार होकर मां बनने वाली किशोरियों की संख्या इस समय 72 पहुंच चुकी है। ऐसी पीड़िताओं की सुरक्षा, देखभाल और आत्मनिर्भरता सुनिश्चित करने के लिए राज्य सरकार ने एक विशेष योजना शुरू की है। इसके तहत हर पीड़िता को 23 साल की उम्र तक प्रतिमाह चार हजार रुपये का पोषण भत्ता दिया जाएगा।

इसके साथ ही पीड़िताओं को शिक्षा, चिकित्सा, कानूनी सहायता, कौशल विकास, सुरक्षित आवास और मानसिक स्वास्थ्य परामर्श जैसी सुविधाएं भी दी जाएंगी, ताकि वे एक सम्मानजनक जीवन जी सकें और भविष्य में आत्मनिर्भर बन सकें। योजना के तहत हर जिले को 10 लाख रुपये का बजट दिया गया है। मौजूदा वित्तीय वर्ष में तीन जिलों को एक-एक लाख रुपये की राशि जारी की जा चुकी है।

महिला एवं बाल कल्याण निदेशक प्रशांत आर्या ने बताया कि यह कार्यक्रम केंद्र सरकार की 100 प्रतिशत वित्त पोषित योजना के अंतर्गत शुरू किया गया है। योजना का उद्देश्य न केवल पीड़िता की शारीरिक सुरक्षा और मानसिक स्वास्थ्य की देखभाल करना है, बल्कि नवजात शिशु को भी हर आवश्यक सुविधा प्रदान करना है।

योजना में कई स्तरों पर सहायता दी जाएगी — जिसमें एकीकृत शिक्षा, दीर्घकालिक पुनर्वास, सुरक्षित परिवहन, मां-बच्चे का बीमा कवर, और मिशन वात्सल्य योजना के तहत संस्थागत या गैर-संस्थागत देखभाल शामिल है। साथ ही, बाल कल्याण समिति की सिफारिश पर एकमुश्त छह हजार रुपये की अतिरिक्त सहायता भी पीड़िताओं को दी जा सकती है।

इस योजना के पीछे सरकार का उद्देश्य है कि किशोरावस्था में इस अमानवीय अपराध का शिकार हुई लड़कियों को न सिर्फ सुरक्षा मिले, बल्कि वे समाज में सम्मानजनक जीवन जीने की राह पर भी आगे बढ़ सकें। अधिकारियों के अनुसार, जिलेवार चिन्हांकन और मूल्यांकन के आधार पर सहायता और सेवाएं सुनिश्चित की जा रही हैं।