उत्तराखंड में यूनिफॉर्म सिविल कोड (यूसीसी) के तहत लिव-इन रिलेशनशिप के पंजीकरण को लेकर विपक्ष का विरोध तेज हो गया है। इसी कड़ी में सोमवार को कांग्रेस ने देहरादून में विधानसभा कूच किया। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष करन माहरा के नेतृत्व में सैकड़ों कार्यकर्ता सड़कों पर उतरे और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।
प्रदर्शन के दौरान माहौल तब और गरमा गया जब करन माहरा बैरिकेडिंग पर चढ़ गए और सरकार पर लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि, "सरकार यूसीसी के नाम पर लोगों की निजी स्वतंत्रता में हस्तक्षेप कर रही है। लिव-इन जैसे सामाजिक विषय को जबरन कानून के दायरे में लाकर सरकार जनमानस को बांट रही है।"
कांग्रेस का कहना है कि लिव-इन संबंधों के पंजीकरण की बाध्यता न सिर्फ निजता के अधिकार का उल्लंघन है, बल्कि इससे महिलाओं और युवाओं की सुरक्षा व सम्मान भी प्रभावित हो सकता है। पार्टी ने यूसीसी के विवादित प्रावधानों को वापस लेने की मांग की है।
विधानसभा के बाहर भारी पुलिस बल तैनात किया गया था। प्रदर्शनकारियों को बैरिकेडिंग पर ही रोक दिया गया और कई जगहों पर हल्की झड़पें भी देखने को मिलीं। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को समझा-बुझाकर शांत किया।
सरकार की ओर से कहा गया है कि यूसीसी का उद्देश्य सामाजिक समानता और पारदर्शिता सुनिश्चित करना है, न कि किसी की स्वतंत्रता को बाधित करना। हालांकि, कांग्रेस ने चेतावनी दी है कि अगर यूसीसी के आपत्तिजनक प्रावधान वापस नहीं लिए गए, तो आंदोलन और तेज होगा।



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