उत्तराखंड सरकार ने प्रदेश के सभी स्कूल शिक्षकों के लिए डिजिटल तकनीकी में दक्षता को अनिवार्य कर दिया है। राज्य शिक्षा विभाग के निर्देशों के अनुसार, प्रत्येक शिक्षक को 31 मार्च 2025 तक कम से कम 10 घंटे का डिजिटल शिक्षा प्रशिक्षण कोर्स पूरा करना होगा।
इस कदम का उद्देश्य शिक्षकों को बदलते शैक्षणिक परिदृश्य और डिजिटल उपकरणों के बेहतर उपयोग के लिए तैयार करना है। यह कोर्स राष्ट्रीय शिक्षक प्रशिक्षण पोर्टल DIKSHA (दीक्षा) के माध्यम से ऑनलाइन पूरा किया जा सकता है। कोर्स पूरा करने वाले शिक्षकों को प्रमाण-पत्र भी दिया जाएगा, जिसकी जानकारी विभागीय रिकॉर्ड में दर्ज की जाएगी।
राज्य शिक्षा निदेशक बंशीधर तिवारी के अनुसार, "डिजिटल साक्षरता अब विकल्प नहीं, बल्कि आवश्यकता है। शिक्षक अगर तकनीक में दक्ष होंगे, तो छात्रों को भी आधुनिक शिक्षा पद्धतियों से जोड़ पाएंगे।" उन्होंने सभी ज़िलों के अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि कोर्स की प्रगति की साप्ताहिक समीक्षा की जाए।
शिक्षा विभाग का मानना है कि कोविड-19 के दौरान मिली डिजिटल सीख को अब स्थायी व्यवस्था का रूप देना जरूरी है। इस कोर्स में स्मार्ट क्लास, ई-कंटेंट, ऑनलाइन असेसमेंट टूल्स और वर्चुअल क्लासरूम के प्रभावी उपयोग से जुड़ी सामग्री शामिल है।
कुछ शिक्षक संगठनों ने इस निर्णय का स्वागत किया है, वहीं कुछ ने कोर्स समय और तकनीकी संसाधनों की उपलब्धता को लेकर सवाल उठाए हैं। शिक्षा विभाग ने भरोसा दिलाया है कि हर स्कूल को आवश्यक तकनीकी सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।



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