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post authorAdmin 07 Mar 2025

उत्तराखंड के तीन जिलों में हिमस्खलन का अलर्ट: माणा हादसे के बाद सीमा क्षेत्रों में सतर्कता बढ़ी.

उत्तराखंड के तीन जिलों—चमोली, रुद्रप्रयाग और पिथौरागढ़—के लिए आने वाले 24 घंटे बेहद संवेदनशील बताए जा रहे हैं। रक्षा भू सूचना विज्ञान अनुसंधान प्रतिष्ठान, चंडीगढ़ ने चेतावनी जारी की है कि इन जिलों के 2950 मीटर या उससे अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में हिमस्खलन की संभावना है। मौसम विभाग ने स्थानीय प्रशासन को सतर्क रहने और जनसुरक्षा के लिए सभी आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए हैं।

हाल ही में चमोली जिले के चीन सीमा से सटे माणा क्षेत्र में भीषण हिमस्खलन हुआ था, जिसकी चपेट में 55 मजदूर आ गए थे। रेस्क्यू अभियान के जरिए 46 मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया, लेकिन आठ की मौत हो गई थी। इस त्रासदी के बाद माणा-माणा पास हाईवे पर चल रहा चौड़ीकरण कार्य प्रभावित हुआ है, जो वर्ष 2027 तक पूरा किया जाना था। हादसे के बाद बीआरओ (सीमा सड़क संगठन) ने मजदूरों की सुरक्षा के लिए बदरीनाथ-माणा क्षेत्र में नए, सुरक्षित स्थानों की तलाश शुरू कर दी है।

वर्तमान में क्षेत्र में दो से तीन फीट तक बर्फ जमी हुई है। बर्फ के पिघलने के बाद बीआरओ मजदूरों के लिए कंटेनर स्थापित करेगा ताकि चौड़ीकरण कार्य को फिर से गति दी जा सके। पिछले दो वर्षों से चल रहे इस हाईवे प्रोजेक्ट में प्राइवेट फर्म की मदद से कार्य हो रहा है, जिसके अंतर्गत मजदूर सीमावर्ती इलाकों में अस्थायी कंटेनरों में निवास कर रहे थे। हिमस्खलन में उनके आठ कंटेनर और एक शेल्टर पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए हैं।

अगर मौसम अनुकूल रहा तो अप्रैल के अंत तक बर्फ पिघलने की संभावना है, जिससे कार्य दोबारा शुरू किया जा सकेगा। प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां फिलहाल अलर्ट मोड में हैं।