उत्तराखंड सरकार ने अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के मौके पर एक नई पहल की है, जिसके तहत राजधानी देहरादून की सड़कों पर 14 महिला ड्राइवर उतरेंगी। ‘सारथी’ नामक इस पायलट प्रोजेक्ट के तहत महिला चालकों को ई-वाहनों का संचालन सौंपा जाएगा, जिससे न केवल उन्हें रोजगार मिलेगा, बल्कि शहर की अन्य महिलाओं को भी सुरक्षित और सुविधाजनक यात्रा का अनुभव मिलेगा। इस योजना की शुरुआत 8 मार्च से होगी और एक सप्ताह तक महिलाएं इन ई-वाहनों में निःशुल्क सफर कर सकेंगी।
फिलहाल महिला चालकों को परिवहन विभाग द्वारा विशेष प्रशिक्षण दिया जा रहा है, जिसमें उन्हें ई-टैक्सी, ई-ऑटो और ई-स्कूटी चलाने की विधिवत जानकारी दी जा रही है। योजना के तहत शुरुआत में दो ई-टैक्सी, दो ई-ऑटो और 10 ई-स्कूटी शामिल की गई हैं। महिला सशक्तिकरण मंत्री रेखा आर्या इस योजना की पहली सवारी बनेंगी और इसका उद्घाटन यमुना कॉलोनी स्थित कैम्प कार्यालय से करेंगी। वे महिला चालकों के साथ सर्वे चौक स्थित आईआरडीटी सभागार पहुंचेंगी, जहां सभी ई-वाहनों का प्रदर्शन किया जाएगा।
इस योजना को भविष्य में छह महीने के भीतर राज्य के अन्य शहरों तक विस्तार देने की योजना है। इसमें विधवा, परित्यक्ता और आर्थिक रूप से कमजोर महिलाओं को प्राथमिकता दी जाएगी। सुरक्षा की दृष्टि से सभी वाहनों में जीपीएस ट्रैकिंग की सुविधा होगी और इनके संचालन के लिए एक विशेष मोबाइल एप भी विकसित किया गया है, जो ऐप-आधारित टैक्सी सेवाओं की तरह काम करेगा।
यह प्रोजेक्ट न केवल महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाएगा बल्कि राज्य में सुरक्षित पब्लिक ट्रांसपोर्ट को बढ़ावा देने की दिशा में एक अहम कदम साबित हो सकता है।



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