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post authorAdmin 20 Mar 2025

उत्तराखंड में शिक्षा संकट: 23 माध्यमिक विद्यालय बंद, 3,000 प्राथमिक विद्यालय बंदी की कगार पर.

उत्तराखंड में शिक्षा व्यवस्था गंभीर संकट का सामना कर रही है। हाल ही में 23 माध्यमिक विद्यालयों को छात्रों की संख्या शून्य होने और विद्यालयों के विलय के कारण बंद कर दिया गया है। इसके अलावा, राज्य के लगभग 3,000 प्राथमिक विद्यालयों में छात्रों की संख्या 10 या उससे कम रह गई है, जिससे ये विद्यालय भी बंदी की कगार पर हैं।

शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने आश्वासन दिया है कि यदि किसी क्षेत्र में बच्चों की संख्या बढ़ती है, तो वहां के विद्यालयों को बंद नहीं किया जाएगा। हालांकि, वर्तमान में छात्रों की कमी और विद्यालयों के विलय के कारण यह समस्या गंभीर रूप ले चुकी है।

विशेषज्ञों के अनुसार, इन विद्यालयों के बंद होने से ग्रामीण क्षेत्रों में बच्चों की शिक्षा पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। यह स्थिति राज्य की शिक्षा व्यवस्था की गुणवत्ता और पहुंच दोनों के लिए चिंता का विषय बन गई है।

राज्य सरकार को चाहिए कि वह इस समस्या के समाधान के लिए ठोस कदम उठाए, जैसे कि विद्यालयों के विलय की प्रक्रिया को पुनः समीक्षा करना और छात्रों की संख्या बढ़ाने के लिए जागरूकता अभियान चलाना। इसके अलावा, शिक्षकों की कमी को दूर करने के लिए भर्ती प्रक्रिया को तेज करना भी आवश्यक है।

यदि समय रहते इन समस्याओं का समाधान नहीं किया गया, तो आने वाले समय में राज्य की शिक्षा व्यवस्था और भी कमजोर हो सकती है।