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post authorAdmin 26 Mar 2025

उत्तराखंड में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव की तैयारी तेज, मई के अंत में हो सकते हैं मतदान.

उत्तराखंड में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव की तैयारियां तेज हो गई हैं, और राज्य निर्वाचन आयोग ने मई के अंत तक मतदान कराने की योजना बनाई है। पहले चुनाव अप्रैल के अंत तक कराने की योजना थी, लेकिन ऊधमसिंह नगर के दो ब्लॉक में कुछ पंचायतों के नगर निगम में शामिल होने के कारण परिसीमन में देरी हुई है। इसके अलावा, ओबीसी आरक्षण लागू करने की प्रक्रिया भी लंबित है, जिसके लिए सरकार एकल समर्पित आयोग का कार्यकाल बढ़ाने जा रही है। इसका प्रस्ताव शीघ्र ही कैबिनेट में आएगा। हालांकि, सरकार के पास चुनाव कराने के लिए जून तक का समय है, और चुनाव इस अवधि में संपन्न कराए जाएंगे। 

राज्य निर्वाचन आयोग के सचिव राहुल कुमार गोयल के अनुसार, मतदाता सूची में सुधार के लिए अभियान चलाया जा रहा है। ग्राम पंचायतों की खुली बैठकों में वोटर लिस्ट का प्रदर्शन किया जा रहा है, और संघनक प्रपत्र दो, तीन, और चार के साथ उपस्थित रहते हैं, ताकि ग्रामवासी यदि नाम में कोई बदलाव करना चाहें, तो वह आसानी से करवा सकें। मतदाता सूची पूरी तरह से दुरुस्त होने के बाद उसे ऑनलाइन किया जाएगा, ताकि किसी भी मतदाता का नाम छूटने से बच सके।

गौरतलब है कि उत्तराखंड के 12 जिलों में त्रिस्तरीय पंचायतों का कार्यकाल नवंबर 2024 में समाप्त हो गया था, जबकि हरिद्वार जिले में यह कार्यकाल दिसंबर 2024 में समाप्त हुआ था। चुनाव न होने की स्थिति में पंचायतों का संचालन प्रशासकों द्वारा किया जा रहा है। अब आयोग अपनी तैयारियों में जुटा हुआ है और चुनाव की प्रक्रिया को जल्द शुरू करने की योजना बना रहा है। 

चुनाव की प्रक्रिया में देरी के बावजूद, राज्य निर्वाचन आयोग और राज्य सरकार चुनावों को समय पर संपन्न कराने के लिए प्रतिबद्ध हैं। मई के अंत तक मतदान कराने की योजना से यह स्पष्ट होता है कि आयोग और सरकार ने चुनाव की तैयारियों को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है।