देहरादून में निजी स्कूलों द्वारा की गई मनमानी फीस वृद्धि के खिलाफ अभिभावकों का आक्रोश फूट पड़ा है। शहर के प्रतिष्ठित एन मैरी स्कूल (Ann Mary School) में 30% तक की फीस वृद्धि के विरोध में अभिभावकों ने जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान स्कूल प्रशासन द्वारा बाउंसर तैनात किए जाने से स्थिति और तनावपूर्ण हो गई। अभिभावकों का आरोप है कि स्कूल प्रशासन ने बातचीत के बजाय गेट बंद कर दिया और बाउंसरों को तैनात कर दिया, जिससे वे और अधिक आक्रोशित हो गए।
अभिभावकों का कहना है कि पहले की प्रबंधन समिति द्वारा फीस में 200 से 300 रुपये की वृद्धि की जाती थी, लेकिन नए प्रबंधन ने फीस में मनमाने ढंग से 35% तक की वृद्धि कर दी है। इसके अलावा, लैब, कंप्यूटर और बिल्डिंग शुल्क के नाम पर भी अतिरिक्त शुल्क वसूला जा रहा है, जबकि छोटे बच्चों को इन सुविधाओं का उपयोग नहीं कराया जाता।
अभिभावकों के विरोध के बाद, स्कूल प्रबंधन ने फीस वृद्धि को 10% तक सीमित करने का आश्वासन दिया है और कहा है कि पहले से जमा की गई अतिरिक्त राशि को आगामी तिमाही की फीस में समायोजित किया जाएगा। हालांकि, अभिभावकों ने मांग की है कि अगले तीन वर्षों तक कोई भी फीस वृद्धि न की जाए।
मुख्य शिक्षा अधिकारी (CEO) विनोद कुमार धौंडियाल ने स्कूल को निर्देश दिया है कि वह अगले तीन वर्षों तक कोई भी फीस वृद्धि न करे और सभी जमा की गई अतिरिक्त फीस को तुरंत समायोजित करे। उन्होंने यह भी कहा कि यदि स्कूल इन निर्देशों का पालन नहीं करता है, तो उसके लाइसेंस को निलंबित करने जैसे कड़े कदम उठाए जा सकते हैं।
शिक्षा विभाग ने सभी निजी स्कूलों को निर्देश दिया है कि वे अपनी वेबसाइट पर प्रत्येक कक्षा में छात्रों की संख्या और फीस संरचना की जानकारी साझा करें। इसके अलावा, किसी भी फीस वृद्धि के प्रस्ताव को CEO कार्यालय की मंजूरी के बिना लागू नहीं किया जा सकता।



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