बदरीनाथ धाम स्थित शंकराचार्य आश्रम में आयोजित पत्रकार वार्ता में ज्योतिष्पीठाधीश्वर स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती महाराज ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी को हिंदू धर्म से बहिष्कृत करने की घोषणा कर सनातन धर्म के अनुयायियों को चौंका दिया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी द्वारा संसद में मनुस्मृति को लेकर दिए गए कथित बयान से सनातन धर्म के लोग आहत हैं। इस पर उन्होंने राहुल गांधी से स्पष्टीकरण मांगा था, लेकिन कोई उत्तर नहीं मिला, इसलिए उन्हें हिंदू धर्म से बाहर घोषित किया गया।
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने तीर्थ स्थलों की मर्यादा बनाए रखने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि आजकल कुछ लोग तीर्थ स्थलों को पर्यटन स्थल समझ कर वहां अमर्यादित आचरण करते हैं, जिससे धामों की पवित्रता और श्रद्धालुओं की भावनाएं आहत होती हैं। उन्होंने तीर्थाटन और पर्यटन के बीच स्पष्ट भेद करने की आवश्यकता बताई और कहा कि तीर्थ स्थलों में अनुशासन और श्रद्धा अनिवार्य है।
उन्होंने यह भी कहा कि देवभूमि उत्तराखंड में आने वाले हर श्रद्धालु को देवदर्शन की पूर्ण सुविधा मिलनी चाहिए। ऐसा कोई संदेश नहीं जाना चाहिए कि कोई श्रद्धालु दर्शन किए बिना लौट गया। साथ ही उन्होंने चारधाम यात्रा में गैर-हिंदुओं के प्रवेश पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने की मांग की। उनका मानना है कि ये स्थल विशुद्ध रूप से हिंदू श्रद्धा से जुड़े हैं और वहां की मर्यादा को बनाए रखना आवश्यक है।
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने जम्मू-कश्मीर के पहलगाम हमले में मारे गए श्रद्धालुओं के प्रति भी संवेदना व्यक्त की और कहा कि उनकी आत्मा की शांति के लिए बदरीनाथ के ब्रह्मकपाल में ज्योतिर्मठ की ओर से विधिवत श्राद्ध और पूजन का आयोजन किया जाएगा।
इस प्रेस वार्ता के माध्यम से उन्होंने धार्मिक आस्थाओं की रक्षा, तीर्थ स्थलों की मर्यादा और सनातन धर्म के मूल्यों को लेकर एक स्पष्ट और सख्त संदेश दिया। उनकी टिप्पणी और फैसलों से राजनीतिक और धार्मिक हलकों में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है।



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