केदारनाथ (रुद्रप्रयाग): चारधाम यात्रा के दौरान केदारनाथ मार्ग पर घोड़े-खच्चरों में एक अजीब और संदिग्ध बीमारी के चलते हड़कंप मच गया है। अब तक 14 घोड़े-खच्चरों की मौत हो चुकी है, जिसके बाद प्रशासन और पशुपालन विभाग अलर्ट मोड पर आ गए हैं। यात्रियों की सुरक्षा और पशुओं की स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने 24 घंटे के लिए घोड़े-खच्चरों के संचालन पर रोक लगा दी है।
यह बीमारी किन कारणों से फैल रही है, इसका फिलहाल स्पष्ट पता नहीं चल सका है। पशुपालन विभाग की टीमें मौके पर पहुंच चुकी हैं और मृत पशुओं के नमूने जांच के लिए भेजे जा चुके हैं। केदारनाथ में बड़ी संख्या में तीर्थ यात्री घोड़े-खच्चरों के माध्यम से गौरीकुंड से मंदिर तक की यात्रा करते हैं। ऐसे में यह बीमारी न केवल जानवरों के लिए, बल्कि तीर्थयात्रियों के लिए भी एक बड़ा खतरा बन सकती है।
सीईओ बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति योगेंद्र सिंह ने बताया कि जैसे ही मौत की जानकारी मिली, तत्काल प्रभाव से रोक लगाने के निर्देश जारी किए गए। उन्होंने कहा कि यह रोक एहतियातन लगाई गई है, ताकि बीमारी के संभावित प्रसार को रोका जा सके और स्थिति का सही मूल्यांकन किया जा सके। विभाग द्वारा रासायनिक छिड़काव, सफाई और अन्य निवारक उपाय भी किए जा रहे हैं।
मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. आर.पी. सिंह के अनुसार, यह बीमारी संभवतः वायरस या बैक्टीरिया से फैली हो सकती है, लेकिन अंतिम निष्कर्ष जांच रिपोर्ट के बाद ही निकाला जा सकेगा। विभाग द्वारा हेल्थ चेकअप अभियान भी शुरू किया गया है, जिसमें बाकी पशुओं की स्क्रीनिंग की जा रही है।
इस घटना के बाद तीर्थयात्रियों में चिंता का माहौल है, क्योंकि यात्रा के दौरान बड़ी संख्या में लोग घोड़े-खच्चरों पर निर्भर रहते हैं। प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और स्वास्थ्य विभाग के निर्देशों का पालन करें। यह पहली बार नहीं है जब चारधाम यात्रा के दौरान पशुओं की बीमारी ने प्रशासन को सतर्क किया हो। लेकिन इस बार का मामला रहस्यमय और चिंताजनक बन गया है।



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