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post authorAdmin 08 May 2025

एक देश, एक चुनाव’ पर मंथन: 20 मई को उत्तराखंड पहुंचेगी संयुक्त संसदीय समिति, राजनीतिक दलों व हितधारकों से करेगी संवाद.

'एक देश, एक चुनाव' (One Nation, One Election) के प्रस्ताव को लेकर राष्ट्रीय स्तर पर चल रहे विमर्श के तहत अब संयुक्त संसदीय समिति (JPC) राज्यों के दौरे पर निकल चुकी है। इसी क्रम में 20 मई को समिति उत्तराखंड का दौरा करेगी, जहां वह राज्य के प्रमुख राजनीतिक दलों, सामाजिक संगठनों और अन्य हितधारकों से इस महत्वपूर्ण विषय पर चर्चा करेगी।

इस बैठक का आयोजन देहरादून में किया जाएगा, जिसमें सभी मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों को आमंत्रित किया गया है। समिति का उद्देश्य है कि सभी पक्षों की राय लेकर इस प्रस्ताव पर एक व्यापक और संतुलित रिपोर्ट तैयार की जा सके, जिसे बाद में संसद में प्रस्तुत किया जाएगा।

‘एक देश, एक चुनाव’ का विचार देश में लोकसभा और सभी राज्य विधानसभाओं के चुनाव एक साथ कराने की दिशा में है। इसका उद्देश्य चुनावी प्रक्रिया में बार-बार होने वाले खर्च, प्रशासनिक बोझ, आचार संहिता की बार-बार लागू होने की स्थिति और शासन व्यवस्था में आने वाली रुकावटों को समाप्त करना है।

संयुक्त संसदीय समिति के सदस्य विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञों, शिक्षाविदों, पूर्व नौकरशाहों और आम नागरिकों के प्रतिनिधियों से भी मुलाकात करेंगे ताकि नीति निर्माण के दौरान जनता की भागीदारी सुनिश्चित की जा सके।

इससे पहले समिति ने कई राज्यों का दौरा कर संबंधित पक्षों से विचार-विमर्श किया है और अब तक मिली प्रतिक्रियाओं को गंभीरता से रिकॉर्ड किया जा रहा है। कुछ राजनीतिक दल इस प्रस्ताव का समर्थन कर रहे हैं, वहीं कुछ इसे संघीय ढांचे के लिए चुनौती मान रहे हैं।

उत्तराखंड में इस प्रस्ताव को लेकर मिली-जुली प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं। कुछ दलों का मानना है कि इससे चुनावी प्रक्रिया में स्थिरता आएगी, जबकि अन्य इसे लोकतांत्रिक विविधता पर खतरा बता रहे हैं।

मुख्य सचिव की निगरानी में बैठक की तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है। समिति की इस यात्रा को लेकर राज्य के राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है, और यह माना जा रहा है कि उत्तराखंड से मिलने वाले सुझाव भी अंतिम रिपोर्ट में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।