उत्तराखंड की हंसी की दुनिया आज मौन हो गई। अपने चुटीले अंदाज़ और ज़िंदादिल किरदारों से लोगों के चेहरों पर मुस्कान लाने वाले मशहूर हास्य कलाकार घन्ना भाई का आज निधन हो गया। वे पिछले चार दिनों से वेंटिलेटर पर थे और डॉक्टरों की तमाम कोशिशों के बावजूद उन्हें बचाया नहीं जा सका।
देहरादून निवासी घन्ना भाई, जिनका असली नाम घनश्याम प्रसाद थपलियाल था, राज्य के सांस्कृतिक और मंचीय कार्यक्रमों में एक जाना-पहचाना नाम थे। टीवी, सोशल मीडिया और मंचों के जरिए उन्होंने अपनी कॉमिक टाइमिंग और लोकभाषा में हास्य प्रस्तुतियों से लाखों दर्शकों को हँसी से लोटपोट किया।
परिजनों के अनुसार, घन्ना भाई को कुछ दिन पहले अचानक सांस लेने में तकलीफ हुई, जिसके बाद उन्हें स्थानीय अस्पताल में भर्ती किया गया। हालत बिगड़ने पर उन्हें वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा गया था, लेकिन शनिवार सुबह उन्होंने अंतिम सांस ली।
उनके निधन की खबर सुनकर प्रशंसकों, कलाकारों और पूरे राज्य में शोक की लहर दौड़ गई। मुख्यमंत्री सहित कई बड़े नेताओं और सांस्कृतिक संस्थाओं ने घन्ना भाई को श्रद्धांजलि दी और उनके योगदान को अविस्मरणीय बताया।
मुख्यमंत्री ने ट्वीट कर लिखा, "घन्ना भाई ने उत्तराखंड की लोक संस्कृति और हास्य कला को नई पहचान दी। उनका जाना एक अपूरणीय क्षति है।"
घन्ना भाई का अंतिम संस्कार रविवार को हरिद्वार में किया जाएगा। उनके जाने से उत्तराखंड की रंगमंच और हँसी की दुनिया में जो खालीपन आया है, उसे भर पाना आसान नहीं होगा।



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