उत्तराखंड विधानसभा का बजट सत्र 18 फरवरी से शुरू होकर 20 फरवरी तक चलेगा। तीन दिवसीय इस संक्षिप्त सत्र को लेकर विधानसभा और सरकार दोनों ही स्तरों पर तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। सत्र के दौरान कुल 521 सवाल विधायकों द्वारा लगाए गए हैं, जिनमें से कई महत्वपूर्ण विषयों से जुड़े हुए हैं।
इस बार का बजट सत्र इसलिए भी खास है क्योंकि यह राज्य सरकार के विकास एजेंडे और वित्तीय प्राथमिकताओं को रेखांकित करेगा। सत्र के पहले दिन राज्यपाल का अभिभाषण होगा, जिसके बाद सदन में विधायकों द्वारा धन्यवाद प्रस्ताव और उस पर चर्चा की जाएगी। दूसरे दिन वित्त मंत्री राज्य का बजट प्रस्तुत करेंगे।
विपक्ष ने भी इस सत्र को लेकर कमर कस ली है। विपक्षी दलों ने ऐलान किया है कि वे बेरोजगारी, महंगाई, भर्ती घोटालों और जल संकट जैसे ज्वलंत मुद्दों पर सरकार को घेरेंगे। वहीं सत्ता पक्ष का दावा है कि बजट सत्र में जनता से जुड़े कई अहम फैसले लिए जाएंगे।
विधानसभा अध्यक्ष रितु खंडूड़ी भूषण ने बताया, "सत्र को सुचारू और सार्थक बनाने के लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। विधायकों के सवालों और प्रस्तावों की संख्या इस बार अधिक है, जो एक स्वस्थ लोकतांत्रिक परंपरा को दर्शाता है।"
इस बार बजट में बुनियादी ढांचे, स्वास्थ्य, शिक्षा और पर्यटन को प्राथमिकता दिए जाने की संभावना है। सरकार पर यह भी दबाव है कि वह युवाओं और किसानों के लिए ठोस योजनाएं प्रस्तुत करे।
सत्र को लेकर सुरक्षा और व्यवस्थाओं के भी पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। अब सबकी निगाहें 18 फरवरी से शुरू होने वाले इस अहम सत्र पर टिकी हैं।



Admin






