रुद्रप्रयाग जिले के कुन्याली गांव के समीप स्थित जंगल में बीती रात भीषण आग लग गई, जिससे क्षेत्र में हड़कंप मच गया। प्रारंभिक जांच में पता चला है कि अज्ञात व्यक्ति ने बीड़ी पीने के बाद बीड़ी की बची हुई राख को पिरुल (पाइन पत्तियों) पर फेंक दिया, जिससे आग लग गई।
स्थानीय वन विभाग और ग्रामीणों ने मिलकर आग पर काबू पाने की कोशिश की, लेकिन तेज हवाओं के कारण आग तेजी से फैल गई और बड़ी मात्रा में पिरुल जलकर राख हो गया। इस आग से वन्यजीवों के लिए खतरा उत्पन्न हो गया है और स्थानीय पारिस्थितिकी तंत्र को भी नुकसान पहुंचा है।
वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि इस प्रकार की घटनाएं अक्सर लापरवाही के कारण होती हैं। उन्होंने आग लगने के कारणों की जांच शुरू कर दी है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की बात कही है।
स्थानीय निवासियों ने आग पर काबू पाने के लिए दिन-रात मेहनत की, लेकिन आग की तीव्रता के कारण उन्हें भी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। ग्रामीणों का कहना है कि इस प्रकार की घटनाएं उनके जीवन और संपत्ति के लिए खतरे का कारण बनती हैं।
वन्यजीव प्रेमियों और पर्यावरणविदों ने इस घटना की निंदा की है और सरकार से इस प्रकार की घटनाओं को रोकने के लिए ठोस कदम उठाने की अपील की है।
इस घटना ने एक बार फिर से यह साबित कर दिया है कि जंगलों में आग लगने के कारणों में लापरवाही प्रमुख है, और इसे रोकने के लिए जागरूकता और सख्त नियमों की आवश्यकता है।



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