देहरादून में एक नशा मुक्ति केंद्र (रिहैब सेंटर) में झगड़े के दौरान एक युवक की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई, जिससे पूरे शहर में सनसनी फैल गई है। राजधानी में संचालित हो रहे रिहैब सेंटरों की कार्यप्रणाली पर पहले से ही सवाल उठते रहे हैं और यह घटना एक बार फिर से इन संस्थानों की मानवाधिकार और निगरानी व्यवस्था को कटघरे में खड़ा कर रही है।
घटना लक्ष्मण चौक क्षेत्र स्थित एक निजी नशा मुक्ति केंद्र की है, जहां दो मरीजों के बीच किसी बात को लेकर झगड़ा हुआ। झगड़े के बाद एक युवक की मौत हो गई। मृतक के परिजनों का आरोप है कि केंद्र में मारपीट और अमानवीय व्यवहार आम बात है, और सही देखरेख व मेडिकल सुविधा के अभाव में यह हादसा हुआ।
पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। साथ ही, केंद्र के कर्मचारियों और मौजूद मरीजों से पूछताछ की जा रही है। प्रारंभिक जांच में यह मामला लापरवाही और हिंसात्मक व्यवहार से जुड़ा पाया गया है।
यह पहली बार नहीं है जब देहरादून के किसी रिहैब सेंटर पर ऐसे गंभीर आरोप लगे हों। इससे पहले भी कई मामलों में मानसिक उत्पीड़न, गैर-पेशेवर स्टाफ और मेडिकल सुविधाओं की कमी की शिकायतें सामने आती रही हैं।
स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच के आदेश दे दिए हैं। अधिकारियों का कहना है कि यदि कोई सेंटर नियमों के विरुद्ध पाया गया तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
यह घटना रिहैब सेंटरों में पारदर्शिता, निगरानी और मानवीय व्यवहार की सख्त जरूरत की ओर इशारा करती है।



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