चारधाम यात्रा 2025 के लिए तीर्थयात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए उत्तराखंड सरकार ने 13 मई से ऑफलाइन पंजीकरण की प्रक्रिया शुरू कर दी है। अब श्रद्धालु बिना इंटरनेट या ऑनलाइन व्यवस्था के भी यात्रा के लिए पंजीकरण करा सकेंगे। इसके लिए हरिद्वार, ऋषिकेश, देहरादून, टनकपुर और हेमकुंड साहिब सहित कई प्रमुख स्थानों पर पंजीकरण काउंटर स्थापित किए गए हैं।
अब तक केवल ऑनलाइन माध्यम से ही चारधाम यात्रा के लिए रजिस्ट्रेशन किया जा रहा था, जिससे डिजिटल संसाधनों की कमी वाले श्रद्धालुओं को परेशानी हो रही थी। खासकर बुजुर्गों और ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले लोगों के लिए यह एक बड़ी राहत मानी जा रही है।
पर्यटन विभाग के अनुसार, ऑफलाइन पंजीकरण केंद्रों पर आधार कार्ड या कोई भी वैध पहचान पत्र दिखाकर तीर्थयात्री अपनी यात्रा तिथि के अनुसार यात्रा परमिट प्राप्त कर सकते हैं। प्रत्येक धाम — बदरीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री — के लिए अलग-अलग रजिस्ट्रेशन की सुविधा दी गई है।
इस बार यात्रा में भारी भीड़ की संभावना को देखते हुए प्रशासन ने यात्रा प्रबंधन और सुरक्षा के लिए अतिरिक्त पुलिस बल और स्वास्थ्य सुविधाएं भी तैनात की हैं। यात्रियों से अपील की गई है कि वे बिना रजिस्ट्रेशन के यात्रा न करें, क्योंकि चेकिंग के दौरान बिना पंजीकरण पाए जाने पर यात्रा से रोका जा सकता है।
ऑफलाइन रजिस्ट्रेशन की शुरुआत के साथ ही अब चारधाम यात्रा अधिक सुलभ और समावेशी बन गई है। सरकार का प्रयास है कि अधिक से अधिक श्रद्धालु इस आध्यात्मिक यात्रा का लाभ बिना किसी परेशानी के उठा सकें।



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