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post authorAdmin 28 Apr 2025

उत्तराखंड: 24 घंटे में 30 हेक्टेयर जंगल खाक, अब तक 112 स्थानों पर भड़की आग.

उत्तराखंड में जंगलों में लगी आग की घटनाएं लगातार बढ़ती जा रही हैं। बीते 24 घंटे में राज्य के विभिन्न हिस्सों में 30 हेक्टेयर से अधिक वन क्षेत्र जलकर राख हो चुका है। इस सीजन में अब तक 112 जगहों पर जंगल की आग की घटनाएं दर्ज की जा चुकी हैं, जिससे वन संपदा और जैव विविधता को भारी नुकसान हुआ है।

वन विभाग के मुताबिक, सबसे ज्यादा घटनाएं पौड़ी, नैनीताल, अल्मोड़ा और टिहरी जिलों में सामने आई हैं। तेज गर्मी, शुष्क हवाएं और मानव लापरवाही इन आगजनी की बड़ी वजहें मानी जा रही हैं। कुछ स्थानों पर आग को बुझाने में स्थानीय ग्रामीण, वनकर्मी और अग्निशमन विभाग की टीमें दिन-रात जुटी हुई हैं।

राज्य सरकार ने वनाग्नि की गंभीरता को देखते हुए अलर्ट मोड में रहते हुए सभी संबंधित विभागों को चौकसी बढ़ाने और त्वरित प्रतिक्रिया दल सक्रिय रखने के निर्देश दिए हैं। इसके अलावा हेलीकॉप्टर से पानी छिड़काव करने की भी तैयारी की जा रही है, खासकर उन इलाकों में जहां जमीन से आग बुझाना मुश्किल हो रहा है।

विशेषज्ञों का मानना है कि बार-बार जंगलों में आग लगना न सिर्फ पर्यावरण के लिए खतरनाक है, बल्कि इससे स्थानीय मौसम प्रणाली, जल स्रोत और वन्यजीवों का जीवन भी प्रभावित हो रहा है।

वन विभाग ने आम जनता से अपील की है कि जंगलों में धूम्रपान न करें, कूड़ा न जलाएं और किसी भी प्रकार की संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत दें, ताकि समय रहते आग पर काबू पाया जा सके।

उत्तराखंड के हरे-भरे जंगलों को बचाने के लिए अब प्रशासन, नागरिक और पर्यावरण प्रेमियों को मिलकर गंभीर प्रयास करने होंगे।