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post authorAdmin 19 May 2025

Uttarakhand: देहरादून में पकड़े गए बांग्लादेशी, दिल्ली गैंग का खुलासा, फर्जी दस्तावेज़ों से हो रही अवैध घुसपैठ.

देहरादून में अवैध रूप से रह रहे पांच बांग्लादेशी नागरिकों और उनकी एक भारतीय साथी महिला की गिरफ्तारी के बाद बड़ा खुलासा हुआ है। पुलिस जांच में पता चला है कि इन बांग्लादेशियों को देश में घुसाने और बसाने में दिल्ली के एक सक्रिय गैंग की भूमिका है। यह गैंग पश्चिम बंगाल से बिहार होते हुए बांग्लादेशियों को दिल्ली लाता है, और फिर उन्हें देश के विभिन्न हिस्सों में भेजकर फर्जी आधार कार्ड के ज़रिये मजदूरी जैसे कार्यों में लगाता है।

गिरफ्तार किए गए बांग्लादेशियों में से एक, मुनीर चंद्र राय, पहले भी तीन बार देहरादून आ चुका है और यहां हर्रावाला स्थित कैंसर अस्पताल के निर्माण में मजदूरी कर चुका है। सभी अवैध प्रवासी क्लेमेंटटाउन क्षेत्र में एक भारतीय महिला, पूजा रानी, के साथ रह रहे थे। पूजा रानी को भी पुलिस ने गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से सभी को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। अब इन्हें जल्द ही बांग्लादेश वापस भेजने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।

एसएसपी अजय सिंह को खुफिया सूत्रों से सूचना मिली थी कि क्लेमेंटटाउन क्षेत्र में कुछ संदिग्ध लोग रह रहे हैं। पुलिस और एलआईयू की संयुक्त टीम ने मौके पर जाकर सत्यापन किया, जिसमें बांग्लादेशी नागरिकों की पहचान हुई।

पुलिस की जांच अब दो प्रमुख आरोपियों—दिल्ली निवासी आलम खान और उसके एक सहयोगी—की तलाश में जारी है। आलम खान विभिन्न कंस्ट्रक्शन साइट्स के लिए मजदूरों की व्यवस्था करता है और उसकी पहुंच बिहार और बंगाल तक है, जहां से वह बांग्लादेशियों को देश में घुसाकर फर्जी दस्तावेज़ बनवाता है।

जानकारी मिली है कि दिल्ली का यह गैंग बिहार और बंगाल बॉर्डर के इलाकों में भी सक्रिय है और वहां फर्जी आधार कार्ड तैयार करवाता है। देशभर में फैला यह नेटवर्क खुफिया एजेंसियों की नज़रों में आ चुका है, और इसे लेकर व्यापक जांच जारी है।