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post authorAdmin 21 May 2025

Uttarakhand: आईएएस अफसर अपनाएंगे अपनी पहली तैनाती का क्षेत्र, विकास को देंगे नया आयाम.

उत्तराखंड सरकार ने प्रशासनिक अनुभव और जमीनी विकास के तालमेल को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से एक नई पहल शुरू की है। इस पहल के तहत राज्य के 40 वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों को उनकी प्रथम तैनाती के कार्यक्षेत्र को गोद लेने का निर्देश दिया गया है। मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन द्वारा मंगलवार को इस संबंध में आदेश जारी किया गया, जो मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की मंशा के अनुरूप है।

आदेश के मुताबिक, भारतीय प्रशासनिक सेवा के वे अधिकारी जिनका ग्रेड-पे 8700 या उससे अधिक है, उन्हें अपने पहले नियुक्ति स्थल — चाहे वह विकासखंड, तहसील या जिला मुख्यालय हो — को गोद लेना होगा। यदि किसी स्थान पर दो अधिकारियों की प्रथम तैनाती हुई थी, तो उनमें से एक को अपनी द्वितीय नियुक्ति का क्षेत्र देखना होगा।

इन अधिकारियों को यह आकलन करना होगा कि उनकी पहली तैनाती के समय से लेकर अब तक क्षेत्र में क्या बदलाव आए हैं। इसके साथ ही उन्हें क्षेत्र के सामाजिक और आर्थिक विकास में योगदान देने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसमें सीएसआर (कॉरपोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी) व अन्य संसाधनों का उपयोग किया जाएगा।

अधिकारियों को स्थानीय एनजीओ, सिविल सोसायटी और जनप्रतिनिधियों से समन्वय कर एक प्रभावी कार्ययोजना बनानी होगी। जिला योजना, राज्य सेक्टर और वित्त आयोग जैसी योजनाओं के अंतर्गत मिलने वाली धनराशि का उपयुक्त उपयोग सुनिश्चित करना भी इस पहल का अहम हिस्सा है।

सरकार ने सभी अधिकारियों की प्रथम, द्वितीय और तृतीय तैनाती की सूची भी उनके नामों के साथ जारी की है, जिससे पारदर्शिता बनी रहे और निगरानी में सहूलियत हो। इस नवाचार से शासन में जवाबदेही बढ़ेगी और क्षेत्रीय विकास को नया बल मिलेगा।