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post authorAdmin 22 May 2025

Uttarakhand: सूर्य कुंड का चमत्कारी जल: यमुनोत्री धाम में श्रद्धा, स्वास्थ्य और अध्यात्म का संगम .

उत्तराखंड के पावन यमुनोत्री धाम में इन दिनों श्रद्धालु न केवल धर्म की अनुभूति कर रहे हैं, बल्कि प्रकृति के अद्भुत उपहारों का लाभ भी उठा रहे हैं। यहां पहुंचने वाले यात्री सूर्य कुंड में चावल उबालकर उसे पोटली में बांधकर प्रसाद के रूप में अपने साथ ले जा रहे हैं। वहीं, धाम में मौजूद दो गर्म कुंडों में स्नान कर न केवल यात्रा की थकान उतार रहे हैं, बल्कि इसके आयुर्वेदिक लाभ भी प्राप्त कर रहे हैं।

यमुनोत्री धाम की यह विशेषता वर्षों से श्रद्धालुओं के लिए आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। मुख्य मंदिर के समीप स्थित सूर्य कुंड से निकलने वाली गर्म जलधारा में लोग अपने घर से लाए हुए चावल उबालते हैं। इसे प्रसाद मानकर श्रद्धा से घर ले जाया जाता है।

धाम में यात्रा के बाद पहुंचने वाले तीर्थयात्री इन गर्म कुंडों में स्नान कर पूजा संपन्न करते हैं। लगभग पांच किलोमीटर की कठिन चढ़ाई के बाद यहां पहुंचने वाले यात्रियों को गर्म पानी से स्नान करने पर शरीर की थकान दूर होती है। यही नहीं, स्कंद पुराण में भी सूर्य कुंड के जल को यम यातना से मुक्ति दिलाने वाला बताया गया है।

आयुर्वेदिक दृष्टिकोण से भी यह जल अत्यंत लाभकारी है। चिकित्साधिकारी डॉ. बिरेन्द्र चंद के अनुसार, सूर्य कुंड के जल में सोडियम जैसे खनिज तत्व पाए जाते हैं जो त्वचा रोगों के उपचार में सहायक होते हैं।

यमुनोत्री धाम में आस्था के साथ-साथ प्राकृतिक चिकित्सा का यह मेल श्रद्धालुओं को एक अद्वितीय अनुभव प्रदान करता है, जो उन्हें जीवन भर याद रहता है।