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post authorAdmin 22 May 2025

Uttarakhand: नैनीताल में ओलावृष्टि से तबाही: खेतों में बरबादी, अन्नदाताओं की आंखों में आंसू.

नैनीताल जिले में मई के महीने में आई तेज बारिश और भारी ओलावृष्टि ने जहां आम लोगों को भीषण गर्मी से राहत दी, वहीं किसानों के लिए यह आफत बनकर टूटी। बुधवार को हुई इस अचानक ओलावृष्टि ने क्षेत्र के सैकड़ों किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया। खेतों में लहलहाती सब्जियां और फलों के बागान देखते ही देखते तबाह हो गए।

भीमताल, भवाली, मेहरागांव, अलचौना, चाफी, जंगलियागांव, धारी, धानाचूली, जंतवालगांव और बेतालघाट समेत कई क्षेत्रों में आलू, टमाटर, शिमला मिर्च, बैंगन, बीन, आड़ू, प्लम और खुबानी की फसलों को भारी नुकसान हुआ है। किसानों के अनुसार, ओलों का आकार 50 ग्राम से अधिक था। ओलों की मार से पॉलीहाउस, सोलर पंप और गाड़ियों के शीशों तक में दरारें आ गईं।

इस प्राकृतिक आपदा ने न सिर्फ खेतों को बर्बाद किया, बल्कि स्थानीय व्यवसायियों को भी परेशान किया। भीमताल ब्लॉक रोड, मेहरागांव और खैरना में जलभराव के कारण दुकानों में पानी घुस गया, जिससे व्यापारियों को भारी नुकसान उठाना पड़ा।

काश्तकारों की आंखों में निराशा और चिंता साफ देखी जा सकती है। कई किसानों ने बताया कि उनकी पूरी फसल नष्ट हो गई है और अब ऋण चुकाने की चिंता सताने लगी है। प्रशासन से उन्होंने राहत और मुआवजे की मांग की है।

प्राकृतिक आपदाओं के इस दौर में किसान सबसे अधिक प्रभावित हो रहे हैं। मौसम का यह कहर एक बार फिर कृषि संकट और जलवायु परिवर्तन की गंभीरता की ओर इशारा करता है।