उत्तराखंड सरकार ने 2 अप्रैल 2025 को एक अहम निर्णय लेते हुए सायरा बानो को उत्तराखंड महिला आयोग की उपाध्यक्ष नियुक्त किया। सायरा बानो, जो ट्रिपल तलाक के खिलाफ लड़ाई के कारण चर्चा में आई थीं, को अब राज्य महिला आयोग में यह जिम्मेदारी दी गई है। सायरा बानो का नाम 2016 में सुप्रीम कोर्ट में दायर किए गए एक याचिका से जुड़ा है, जिसमें उन्होंने ट्रिपल तलाक और निकाह हलाला की प्रथा को असंवैधानिक घोषित करने की मांग की थी। उनकी इस लड़ाई में सुप्रीम कोर्ट ने 2017 में उनके पक्ष में निर्णय दिया था, जिसके बाद केंद्र सरकार ने 2018 में ट्रिपल तलाक कानून लागू किया।
सायरा की नियुक्ति के साथ ही, उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कुल 20 नई नियुक्तियों की घोषणा की है, जिसमें भाजपा के 20 पदाधिकारियों को विभिन्न परिषदों, आयोगों और समितियों में दायित्व सौंपे गए हैं। यह नियुक्तियां लंबे समय से चली आ रही दायित्वों की घोषणा के दबाव को कम करने के उद्देश्य से की गई हैं।
सायरा बानो की नियुक्ति पर मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि वह महिला अधिकारों और समाज के कल्याण के लिए कार्य करने के लिए तैयार हैं और उनके अनुभव से राज्य महिला आयोग को मजबूती मिलेगी। यह कदम राज्य में महिला सशक्तिकरण और उनके अधिकारों की रक्षा के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
मुख्यमंत्री द्वारा की गई अन्य नियुक्तियों में कई पदाधिकारी और समाजसेवी शामिल हैं, जिन्हें विभिन्न जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। यह नियुक्तियां प्रदेश में सरकार के विकास और सामाजिक न्याय के कार्यों को बढ़ावा देने के लिए एक महत्वपूर्ण पहल मानी जा रही हैं।



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