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post authorAdmin 15 Apr 2025

पूर्व मंत्री दिनेश अग्रवाल के बयान से उत्तराखंड की राजनीति में उबाल, कांग्रेस और भाजपा में तीखी जुबानी जंग.

उत्तराखंड की राजनीति में हाल ही में उस समय उबाल आ गया जब पूर्व कांग्रेस नेता और वर्तमान भाजपा सदस्य दिनेश अग्रवाल ने कांग्रेस पार्टी में संभावित विभाजन की भविष्यवाणी की। उन्होंने कहा कि कांग्रेस का वर्तमान नेतृत्व दिशाहीन है, जिससे पार्टी में जल्द ही बड़ा विभाजन हो सकता है। अग्रवाल ने यह भी दावा किया कि उन्होंने अपने 55 वर्षों के कांग्रेस कार्यकाल में जो सफलता हासिल की, वह उनकी मेहनत का परिणाम थी, न कि किसी की कृपा का।

इस बयान पर कांग्रेस ने तीखी प्रतिक्रिया दी। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष करन माहरा ने कहा कि "खा पीकर खिसकने वाले कांग्रेस की चिंता न करें।" उन्होंने आरोप लगाया कि अग्रवाल जैसे नेता, जिन्होंने कांग्रेस से सब कुछ प्राप्त किया, अब पार्टी छोड़कर भाजपा में शामिल हो गए हैं और कांग्रेस की आलोचना कर रहे हैं।

कांग्रेस प्रवक्ता गरिमा मेहरा दसौनी ने भी अग्रवाल पर निशाना साधते हुए कहा कि "कांग्रेस का सिंदूर लगाकर सत्ता का सुख भोगने वाले अब भाजपा की मांग में सिन्दूर भर रहे हैं, लेकिन भाजपा उन्हें घास भी नहीं डाल रही है।" उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि अग्रवाल की भाजपा में कोई खास हैसियत नहीं है।

अग्रवाल ने इन आरोपों का खंडन करते हुए कहा कि उन्होंने कांग्रेस में रहते हुए कई महाधिवेशनों में भाग लिया है, जबकि वर्तमान नेतृत्व का अनुभव सीमित है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस में नेतृत्व की कमी के कारण ही पार्टी की स्थिति बिगड़ रही है।

इस जुबानी जंग से उत्तराखंड की राजनीति में नई हलचल पैदा हो गई है, और आगामी चुनावों में इसका प्रभाव देखने को मिल सकता है।