उत्तराखंड में इस वर्ष चारधाम यात्रा के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया गया है। पहली बार, अर्द्धसैनिक बलों की 10 कंपनियों की तैनाती की गई है, जिनमें से छह कंपनियां गढ़वाल और चार कंपनियां कुमाऊं क्षेत्र में तैनात की जाएंगी। यह कदम जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के मद्देनजर उठाया गया है, जिसमें 26 नागरिकों की जान चली गई थी।
सुरक्षा व्यवस्था को और प्रभावी बनाने के लिए, चारधाम क्षेत्र को 15 सुपर जोन, 41 जोन और 137 सेक्टरों में बांटा गया है। प्रत्येक सेक्टर में पुलिसकर्मियों को 24 घंटे भ्रमणशील रखने के निर्देश दिए गए हैं। इसमें 6,000 से अधिक पुलिस, एसडीआरएफ और पीआरडी जवानों की ड्यूटी लगाई गई है। डीजीपी दीपम सेठ ने सभी जिलों के पुलिस प्रभारियों के साथ बैठक कर इस बात को सुनिश्चित करने के निर्देश दिए थे।
इसके अतिरिक्त, देहरादून में एक कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है, जिससे यात्रा मार्ग की निगरानी की जा रही है। नौ स्थानों पर एएसपी और डीएसपी स्तर के अधिकारियों को तैनात किया गया है, ताकि पर्यटकों और श्रद्धालुओं को कोई परेशानी होने पर उसका शीघ्र समाधान किया जा सके।
इस वर्ष यात्रा में सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है, ताकि श्रद्धालु निश्चिंत होकर अपने धार्मिक कर्तव्यों का पालन कर सकें।



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