उत्तराखंड के उत्तरकाशी जनपद में आठ मई को हुए दर्दनाक हेलिकॉप्टर हादसे को लेकर विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (AAIB) ने अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट सार्वजनिक कर दी है। इस रिपोर्ट में बड़ा खुलासा करते हुए बताया गया है कि हादसे का कारण आपातकालीन लैंडिंग के प्रयास के दौरान हेलिकॉप्टर का मुख्य रोटर एक ओवरहेड फाइबर केबल से टकराना रहा, जिससे हेलिकॉप्टर दो हिस्सों में टूट गया और खाई में जा गिरा।
यह हादसा उस समय हुआ जब एक निजी हेलिकॉप्टर गंगोत्री धाम की ओर जा रहा था। रास्ते में तकनीकी दिक्कत आने पर पायलट ने उत्तरकाशी-गंगोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग के पास गंगनानी के समीप आपात लैंडिंग की कोशिश की। लेकिन इस दौरान हेलिकॉप्टर का रोटर सड़क किनारे फैली फाइबर ऑप्टिक केबल से टकरा गया, जिससे संतुलन बिगड़ गया और हेलिकॉप्टर हादसे का शिकार हो गया।
हादसे में छह लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जिनमें पांच महिलाएं और पायलट शामिल थे। मृतकों की पहचान इस प्रकार हुई है —
-
काला सोनी (61), मुंबई
-
विजया रेड्डी (57), मुंबई
-
रुचि अग्रवाल (56), मुंबई
-
राधा अग्रवाल (79), उत्तर प्रदेश
-
वेदवती कुमारी (48), आंध्र प्रदेश
-
रॉबिन सिंह (60), गुजरात — पायलट
वहीं, हादसे में घायल एकमात्र यात्री मस्तू भास्कर (51) आंध्र प्रदेश का निवासी है, जो गंभीर रूप से जख्मी हुआ।
रेस्क्यू अभियान भी बेहद चुनौतीपूर्ण रहा। हेलिकॉप्टर दो टुकड़ों में बंट गया था। कुछ शव बाहर छिटक गए थे जबकि दो शव मलबे में फंसे हुए थे, जिन्हें कटर से काटकर निकाला गया। घटनास्थल की कठिन भौगोलिक स्थिति ने राहत कार्यों में भी बाधा डाली।
हालांकि जिला प्रशासन ने इस रिपोर्ट की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। उधर नागर विमानन महानिदेशालय (DGCA) ने भी इस हादसे की स्वतंत्र जांच शुरू कर दी है। रिपोर्ट सामने आने के बाद उड़ान सुरक्षा मानकों की दोबारा समीक्षा की संभावना है।



Admin






