उत्तराखंड में एक बार फिर मौसम का मिजाज बिगड़ गया है। राज्य के कई जिलों में भारी बारिश का दौर जारी है और मौसम विभाग ने देहरादून, टिहरी, पौड़ी, नैनीताल, चंपावत और ऊधमसिंह नगर समेत कई जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। साथ ही, कुछ इलाकों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की चेतावनी भी दी गई है।
मौसम विभाग की चेतावनी को देखते हुए पौड़ी जिले में सोमवार को कक्षा 1 से 12 तक के सभी स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों में छुट्टी घोषित कर दी गई है। जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया ने सभी संबंधित विभागों को अलर्ट मोड में रहने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने जनता से अपील की है कि लोग नदी-नालों और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से दूर रहें और किसी भी आपात स्थिति के लिए सतर्क रहें।
बारिश की वजह से राज्यभर में 47 सड़कें बंद हो गई थीं, जिनमें से 20 सड़कों को खोल दिया गया है, लेकिन अब भी 27 सड़कें बंद हैं। इनमें 24 सड़कें ग्रामीण क्षेत्रों की हैं। चमोली और पिथौरागढ़ में छह-छह, उत्तरकाशी, देहरादून और रुद्रप्रयाग में चार-चार, बागेश्वर में दो और टिहरी में एक ग्रामीण सड़क अभी भी बंद है। संबंधित विभाग सड़कों को जल्द से जल्द खोलने के लिए लगातार काम कर रहे हैं।
राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र की रिपोर्ट के मुताबिक, अधिकतर सड़कें भूस्खलन और मलबा गिरने की वजह से बंद हुई हैं। आने वाले दिनों में भी राज्य में रुक-रुक कर हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जताई गई है, जो 26 जुलाई तक बनी रह सकती है।
प्रशासन ने लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने और मौसम विभाग के निर्देशों का पालन करने की अपील की है। खासतौर पर ग्रामीण और संवेदनशील इलाकों में निगरानी बढ़ा दी गई है, ताकि किसी भी आपदा की स्थिति में त्वरित राहत और बचाव कार्य किया जा सके।



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