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post authorAdmin 23 Jul 2025

उत्तराखंड में मिड-डे मील घोटाला: पीएम पोषण योजना में तीन करोड़ की गड़बड़ी की जांच शुरू.

उत्तराखंड में प्रधानमंत्री पोषण योजना (पूर्व में मिड-डे मील) के तहत तीन करोड़ रुपये के कथित घोटाले की जांच शुरू हो गई है। शिक्षा विभाग ने मामले की गंभीरता को देखते हुए दो सदस्यीय जांच समिति का गठन किया है, जिसकी अध्यक्षता अपर निदेशक गढ़वाल कंचन देवराड़ी कर रही हैं। उनके साथ समिति में वित्त नियंत्रक हेमेंद्र गंगवार को शामिल किया गया है। अधिकारियों को दो दिन के भीतर जांच रिपोर्ट देने के निर्देश दिए गए हैं।

शिक्षा महानिदेशक दीप्ति सिंह ने तत्काल प्रभाव से जांच के आदेश दिए हैं। जांच समिति ने कार्य शुरू कर दिया है और प्रारंभिक पड़ताल में यह संकेत मिले हैं कि इस घोटाले में विभाग के कुछ अधिकारियों के साथ-साथ बैंक कर्मियों की भूमिका भी संदिग्ध मानी जा रही है।

बताया गया है कि विभागीय खातों से करोड़ों रुपये की निकासी हुई, लेकिन विभाग या संबंधित अधिकारियों के पास न तो ओटीपी आया और न ही किसी स्तर पर पुष्टि की गई। इससे संदेह गहराया है कि यह पूरा फर्जीवाड़ा सुनियोजित साठगांठ का नतीजा हो सकता है।

जांच टीम अब उन तमाम लेनदेन का विश्लेषण कर रही है, जिनमें गड़बड़ी की आशंका है। बैंक स्टेटमेंट, निकासी का तरीका, खातों की मंजूरी प्रक्रिया और जिम्मेदार कर्मियों के व्यवहार की जांच की जा रही है। वहीं कुछ ऐसे निजी खातों की पहचान हुई है, जिनमें बड़ी राशि स्थानांतरित हुई। ऐसे खातों के मालिकों और उनसे जुड़े ठेकेदारों की भूमिका भी जांच के दायरे में लाई गई है।

शिक्षा विभाग का कहना है कि यदि कोई अधिकारी या कर्मचारी दोषी पाया जाता है, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। राज्य सरकार भी इस मामले पर बारीकी से नजर बनाए हुए है। विभाग का दावा है कि जांच पूरी पारदर्शिता से की जा रही है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

यह मामला तब सामने आया है जब केंद्र और राज्य सरकारें पारदर्शिता और जवाबदेही को लेकर विशेष सख्ती बरत रही हैं। PM पोषण योजना जैसे जनहितकारी कार्यक्रमों में भ्रष्टाचार उजागर होना प्रशासनिक व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है।