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post authorAdmin 27 Jul 2025

मनसा देवी मंदिर हादसा: भीड़ में भगदड़, 6 श्रद्धालुओं की मौत, सुरक्षा इंतज़ामों पर उठे सवाल.

हरिद्वार: सावन माह के पहले रविवार को हरिद्वार में मनसा देवी मंदिर की ओर जाने वाले पैदल मार्ग पर बड़ा हादसा हो गया। मंदिर में दर्शन के लिए उमड़ी भारी भीड़ के बीच अचानक भगदड़ मच गई, जिसमें छह श्रद्धालुओं की मौके पर ही मौत हो गई और कई अन्य घायल हो गए। हादसे की वजह एक हाई वोल्टेज बिजली के तार का गिरना बताया जा रहा है, जिससे भगदड़ की स्थिति बन गई।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, घटना के वक्त मंदिर परिसर और पैदल मार्ग पर भारी भीड़ थी। जैसे ही बिजली का तार गिरा, लोग घबराकर इधर-उधर भागने लगे। भगदड़ के कारण कई लोग जमीन पर गिर पड़े और एक-दूसरे के ऊपर चढ़ते चले गए। कुछ श्रद्धालु करंट की चपेट में भी आए हैं।

घटना की जानकारी मिलते ही प्रशासन और पुलिस की टीमें घटनास्थल पर पहुंचीं। राहत और बचाव कार्य युद्ध स्तर पर शुरू कर दिया गया। घायलों को तत्काल नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है। मंदिर मार्ग को अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया है और पूरे क्षेत्र को सील कर दिया गया है।

गढ़वाल मंडल आयुक्त विनय शंकर पांडे ने घटना की पुष्टि करते हुए कहा कि प्रारंभिक जांच में अत्यधिक भीड़ को हादसे की मुख्य वजह माना जा रहा है। उन्होंने बताया, “मैं स्वयं घटनास्थल जा रहा हूं, विस्तृत रिपोर्ट के बाद ही सही कारण स्पष्ट होगा।”

यह हादसा सावन में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के बीच सुरक्षा इंतज़ामों की पोल खोलता है। हर साल लाखों श्रद्धालु हरिद्वार आते हैं, लेकिन भीड़ प्रबंधन के उपाय नाकाफी साबित होते दिख रहे हैं। हादसे के बाद श्रद्धालुओं में दहशत का माहौल है।

सरकार ने घटना की जांच के आदेश दे दिए हैं और मृतकों के परिजनों को आर्थिक सहायता देने की घोषणा जल्द की जा सकती है। बिजली विभाग की लापरवाही के पहलू पर भी जांच की जा रही है।

यह घटना धार्मिक स्थलों पर सुरक्षा और भीड़ नियंत्रण की जरूरत को एक बार फिर सामने लाती है।