उत्तराखंड में मानव-वन्यजीव संघर्ष की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। ताज़ा मामला रुद्रप्रयाग जिले के अगस्त्यमुनि ब्लॉक के धान्यों गांव का है, जहां सोमवार देर रात करीब 3:30 बजे एक गुलदार ने घर में सो रही महिला पर हमला कर दिया।
पीड़िता कुशला देवी अपने कमरे में सो रही थीं, तभी गुलदार ने दरवाजा तोड़कर अचानक उन पर झपटा और उन्हें बाहर खींचने की कोशिश की। महिला के पति की सतर्कता से उसकी जान बच पाई। उन्होंने लाठी से गुलदार पर हमला कर उसे भगाया। मगर महिला के नाक और माथे पर गंभीर चोटें आई हैं। उसे तुरंत अगस्त्यमुनि अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसका इलाज जारी है।
यह घटना इलाके में दहशत का माहौल बना रही है। ग्रामीणों का कहना है कि यह एक सप्ताह के भीतर गुलदार द्वारा किया गया दूसरा हमला है। इससे पहले एक महिला को गौशाला में घायल किया गया था। स्थानीय लोगों ने वन विभाग से त्वरित कार्रवाई और प्रभावित क्षेत्रों में पिंजरे लगाने की मांग की है।
उधर, श्रीनगर गढ़वाल में भी मंगलवार सुबह गुलदार ने एक 32 वर्षीय युवक पर हमला कर दिया। युवक पौड़ी रोड स्थित गंगा दर्शन क्षेत्र में मजदूरी करता है। सुबह शौच के लिए जाते समय गुलदार झाड़ियों से निकलकर उस पर झपटा। घायल युवक को स्थानीय लोगों ने संयुक्त अस्पताल पहुंचाया, जहां उसकी हालत स्थिर बताई जा रही है।
लगातार हो रही इन घटनाओं ने वन विभाग की सतर्कता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि गश्त की कमी, जंगलों से सटे गांवों में पर्याप्त रोशनी और निगरानी की व्यवस्था न होने के कारण गुलदार बेखौफ होकर इंसानी बस्तियों में घुस रहे हैं। अब ग्रामीणों ने वन विभाग से जल्द सुरक्षा इंतज़ाम करने की मांग की है, ताकि आगे कोई बड़ी अनहोनी न हो।



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