उत्तराखंड में मानसून सक्रिय हो गया है और पर्वतीय जिलों में बारिश का कहर एक बार फिर देखने को मिल रहा है। मौसम विज्ञान केंद्र ने राजधानी देहरादून और बागेश्वर जिलों में भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। वहीं अन्य जिलों में तेज बारिश को लेकर येलो अलर्ट जारी किया गया है।
रविवार को देहरादून में झमाझम बारिश हुई, जिससे उमस से राहत तो मिली, लेकिन निचले इलाकों में जलभराव से लोगों को परेशानी भी उठानी पड़ी। मौसम वैज्ञानिक रोहित थपलियाल ने जानकारी दी कि 5 अगस्त तक राज्य के अधिकांश पर्वतीय जिलों में तेज बारिश की संभावना बनी हुई है।
तेज बारिश के कारण प्रदेश भर में 64 सड़कों पर यातायात ठप हो गया है। इनमें 52 सड़कें ग्रामीण क्षेत्रों की हैं, जिससे स्थानीय निवासियों और यात्रियों को खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र के अनुसार, उत्तरकाशी जिले में सबसे ज्यादा 13 सड़कें बंद हैं।
इसके अलावा टिहरी में 5, रुद्रप्रयाग और पिथौरागढ़ में 11-11, चमोली और देहरादून में 7-7, पौड़ी में 2, नैनीताल में 4, बागेश्वर में 3 और अल्मोड़ा जिले में 1 सड़क मलबा आने से बंद है। सड़कें बंद होने से आवश्यक सेवाएं भी बाधित हो रही हैं।
प्रशासन की ओर से सड़कें खोलने के प्रयास जारी हैं, लेकिन लगातार बारिश से राहत कार्यों में मुश्किलें आ रही हैं। वहीं, स्थानीय प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि मौसम को देखते हुए अनावश्यक यात्रा से बचें और सतर्कता बरतें।
राज्य सरकार और आपदा प्रबंधन टीमें अलर्ट मोड पर हैं। पर्वतीय इलाकों में भूस्खलन और नदी-नालों के उफान पर रहने की चेतावनी भी जारी की गई है।



Admin






