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post authorAdmin 07 Aug 2025

धराली में बादल फटने से तबाही: 65 लोगों का रेस्क्यू, चिनूक से पहुंची राहत, वैज्ञानिक करेंगे आपदा का अध्ययन.

उत्तरकाशी जिले के धराली क्षेत्र में बादल फटने के बाद आई भयावह आपदा ने पूरे इलाके को हिला कर रख दिया है। लेकिन अब राहत और बचाव कार्य ने तेजी पकड़ ली है। बुधवार दोपहर मौसम खुलने के बाद रेस्क्यू ऑपरेशन को गति मिली और अब तक कुल 65 लोगों को सुरक्षित निकालकर उत्तरकाशी के मातली क्षेत्र में पहुंचाया जा चुका है।

प्रशासन ने भटवाड़ी से आगे भूस्खलन के खतरे को देखते हुए एक दर्जन से अधिक मकानों को एहतियातन खाली करवा दिया है। कई इलाकों में सड़कें और संचार व्यवस्था प्रभावित है, फिर भी प्रशासन, सेना, ITBP और NDRF की टीमों के संयुक्त प्रयास से राहत कार्य युद्धस्तर पर चल रहा है।

अब तक छह लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि कई लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं। सेना के दो घायल जवानों को चिनूक हेलिकॉप्टर की मदद से उच्च चिकित्सा केंद्र भेजा गया है।

बुधवार को राहत कार्य में बड़ा मोड़ तब आया जब पहला चिनूक हेलिकॉप्टर हर्षिल में लैंड हुआ। इसमें NDRF के जवान, राहत सामग्री और आवश्यक उपकरण भेजे गए, जिससे आपदा क्षेत्रों में राहत पहुंचाने का कार्य तेज हुआ। चिनूक की मदद से दूरस्थ और दुर्गम क्षेत्रों में भी राहत सामग्री पहुंचाई जा रही है।

इस त्रासदी के वैज्ञानिक कारणों की जांच के लिए वाडिया हिमालय भूविज्ञान संस्थान भी सक्रिय हो गया है। संस्थान के निदेशक डॉ. विनीत गहलोत ने बताया कि धराली आपदा के भूगर्भीय और भौगोलिक कारणों का अध्ययन किया जाएगा। टीम को मार्ग खुलने के बाद मौके पर भेजा जाएगा, जो तकनीकी माध्यमों से आपदा के पीछे की असली वजहों का पता लगाएगी।

जिला प्रशासन ने जनता से अपील की है कि वे घबराएं नहीं, अफवाहों से बचें और किसी भी आपात स्थिति में तुरंत प्रशासन को सूचना दें। उत्तरकाशी में आपदा नियंत्रण कक्ष 24 घंटे सक्रिय है और सरकार हर संभव मदद के लिए तत्पर है।