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post authorAdmin 09 Aug 2025

धराली आपदा: पांचवें दिन भी जारी जिंदगी बचाने की जंग, अब तक 729 लोग रेस्क्यू.

उत्तरकाशी के धराली क्षेत्र में बादल फटने से मची तबाही के बीच जिंदगी बचाने की जंग पांचवें दिन भी जारी है। आपदा प्रभावित इलाकों में लापता लोगों की तलाश और फंसे लोगों को निकालने का काम तेज रफ्तार से हो रहा है। शुक्रवार को 257 लोगों को सुरक्षित निकाला गया, जबकि अब तक कुल 729 लोगों को रेस्क्यू किया जा चुका है। बचाव कार्यों में थर्मल इमेजिंग और विक्टिम लोकेटिंग कैमरों जैसी आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है, ताकि मलबे और कठिन इलाकों में फंसे लोगों को जल्दी ढूंढा जा सके।

शनिवार सुबह मौसम साफ होते ही बचाव कार्य में तेजी आ गई। डीजीपी दीपम सेठ ने बताया कि हर्षिल-धराली क्षेत्र में वायुसेना और यूकाडा के सहयोग से बड़ी मात्रा में रसद, राशन और जरूरी सामग्री पहुंचाई गई है। आज का लक्ष्य बचे हुए सभी यात्रियों और स्थानीय लोगों को सुरक्षित निकालना है। साथ ही भटवाड़ी और गंगनानी मार्गों को जल्द बहाल करने के प्रयास जारी हैं।

लिमचिगाढ़ में जवान पूरी रात बैली ब्रिज बनाने में जुटे रहे, ताकि आवागमन बहाल हो सके। इस आपदा में सेना के हर्षिल स्थित शिविर को भी नुकसान पहुंचा है।

आपदा स्थल पर पुलिस, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, आईटीबीपी, सेना, फायर सर्विस और राजस्व विभाग की टीमें लगातार जुटी हुई हैं। हवाई मदद के जरिए फंसे लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया जा रहा है। सुबह आठ बजे तक 52 लोगों को आईटीबीपी के मातली कैंप में शिफ्ट किया गया, जिसमें एक गर्भवती महिला भी शामिल है।

प्रशासन का कहना है कि राहत और बचाव कार्य तब तक जारी रहेंगे, जब तक सभी प्रभावित लोग सुरक्षित न हों और बुनियादी सुविधाएं पूरी तरह बहाल न हो जाएं। स्थानीय लोगों के साथ-साथ फंसे पर्यटकों को निकालने के लिए जमीनी और हवाई, दोनों स्तरों पर ऑपरेशन तेज किया गया है।

धराली की इस त्रासदी ने एक बार फिर पहाड़ों में प्राकृतिक आपदाओं के खतरे और तैयारियों पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है।