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post authorAdmin 10 Aug 2025

Uttarakhand: भारी बारिश से पहाड़-मैदान बेहाल, 145 सड़कें बंद, 15 अगस्त तक बरसात का अलर्ट.

उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों में मौसम फिर से मुश्किलें खड़ी कर रहा है। रविवार को मौसम विज्ञान केंद्र ने देहरादून, पिथौरागढ़ और बागेश्वर जिलों के कुछ हिस्सों में भारी बारिश के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। वहीं उत्तरकाशी, टिहरी, पौड़ी, रुद्रप्रयाग, चमोली, नैनीताल, ऊधमसिंह नगर और चम्पावत जिलों के कुछ इलाकों में येलो अलर्ट प्रभावी है।

मौसम विभाग के मुताबिक, प्रदेशभर में बिजली चमकने, तेज गर्जन और तेज रफ्तार बारिश की संभावना बनी हुई है। अनुमान है कि यह मौसम का मिजाज 15 अगस्त तक इसी तरह बरकरार रह सकता है। पहाड़ी और मैदानी दोनों इलाकों में जनजीवन प्रभावित होने की आशंका है।

भारी बारिश का असर सड़क व्यवस्था पर भी गहरा पड़ा है। राज्य में दो राष्ट्रीय राजमार्ग (NH) समेत 145 सड़कें पूरी तरह बंद हो गई हैं, जिससे लोगों की आवाजाही ठप पड़ गई है। लोक निर्माण विभाग (PWD) के मुताबिक—

  • प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) के तहत 94 सड़कें बंद

  • लोक निर्माण विभाग के अंतर्गत 47 सड़कें बंद

  • 2 राष्ट्रीय राजमार्ग बंद

  • बॉर्डर रोड ऑर्गनाइजेशन (BRO) के अधीन 2 मार्ग बंद

इन बंद मार्गों की वजह से कई गांवों का संपर्क पूरी तरह कट गया है। पहाड़ी इलाकों में जरूरी सामान, सब्जियां, दूध और दवाओं की सप्लाई प्रभावित हो रही है।

लोक निर्माण विभाग और बीआरओ की टीमें सड़कों को खोलने में जुटी हैं, लेकिन लगातार हो रही बारिश और जगह-जगह भूस्खलन राहत कार्यों में बाधा डाल रहा है।

प्रदेश के आपदा प्रबंधन विभाग ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। खासकर नदी-नालों के किनारे जाने से बचने और अनावश्यक यात्रा न करने की हिदायत दी गई है। पर्यटकों को भी पहाड़ी इलाकों में यात्रा से पहले मौसम और सड़क की स्थिति की जानकारी लेने की अपील की गई है।

मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि पहाड़ी क्षेत्रों में भारी बारिश से भूस्खलन और अचानक पानी बढ़ने का खतरा ज्यादा रहता है। ऐसे में सतर्कता ही सुरक्षित रहने का सबसे बड़ा उपाय है।

बरसात का यह दौर आने वाले दिनों में और चुनौती बढ़ा सकता है, इसलिए प्रशासन और स्थानीय लोग पूरी तैयारी में जुटे हैं।