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post authorAdmin 12 Aug 2025

भारी बारिश का अलर्ट: बदरीनाथ, केदारनाथ और हेमकुंड साहिब यात्रा तीन दिन के लिए स्थगित.

चमोली। मौसम विज्ञान केंद्र देहरादून द्वारा 12, 13 और 14 अगस्त को राज्य के पर्वतीय क्षेत्रों में भारी बारिश की चेतावनी के बाद प्रशासन ने यात्रियों की सुरक्षा को देखते हुए बदरीनाथ, केदारनाथ और हेमकुंड साहिब यात्रा पर अस्थायी रोक लगा दी है।

जिलाधिकारी चमोली संदीप तिवारी ने बताया कि बदरीनाथ और हेमकुंड साहिब की यात्रा को फिलहाल स्थगित किया गया है। इसी तरह रुद्रप्रयाग के जिलाधिकारी प्रतीक जैन ने केदारनाथ यात्रा को भी अगले तीन दिनों के लिए रोकने के आदेश जारी किए हैं। उन्होंने कहा कि सभी विभागों को अलर्ट मोड पर रखा गया है, वार्निंग सिस्टम का परीक्षण किया जा चुका है और नदी किनारे बसे लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की गई है।

आपदा प्रबंधन की तैयारी
राज्य सरकार ने संभावित आपदा से निपटने के लिए कई इंतज़ाम किए हैं। राष्ट्रीय राजमार्गों के डेंजर ज़ोन पर 24 घंटे जेसीबी और पोकलेन मशीनें तैनात हैं, ताकि मार्ग बंद होने की स्थिति में तुरंत आवागमन बहाल किया जा सके। पुलिस, लोक निर्माण विभाग और आपदा प्रबंधन की टीमें लगातार स्थिति पर नज़र रखे हुए हैं। नदी-नालों के जलस्तर की भी विशेष निगरानी की जा रही है।

पर्यटन स्थलों पर भी रोक
खराब मौसम को देखते हुए फूलों की घाटी और घांघरिया जाने वाले रास्तों पर भी पर्यटकों की आवाजाही रोक दी गई है। प्रशासन का कहना है कि मौसम में सुधार के बाद ही यात्राएं दोबारा शुरू की जाएंगी।

हालात पहले से चुनौतीपूर्ण
पिछले कुछ दिनों से उत्तराखंड में लगातार बारिश और भूस्खलन के कारण चारधाम यात्रा पहले से ही प्रभावित है। उत्तरकाशी के धराली इलाके में आई आपदा और कई स्थानों पर हुए भूस्खलन ने यात्रा मार्गों को और मुश्किल बना दिया है।

मौसम विभाग ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि आगामी तीन दिनों में पर्वतीय इलाकों में भारी वर्षा से भूस्खलन, सड़क बाधा और नदियों के जलस्तर में वृद्धि की संभावना है। इस कारण स्थानीय लोगों और यात्रियों को अनावश्यक यात्रा से बचने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी गई है।

उत्तराखंड प्रशासन का कहना है कि यात्रियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है, और मौसम की स्थिति सामान्य होते ही चारधाम एवं अन्य धार्मिक-पर्यटन यात्राएं बहाल कर दी जाएंगी।