देहरादून: उत्तराखंड के पर्वतीय जिलों में मानसून का प्रकोप लगातार गहराता जा रहा है। मौसम विज्ञान केंद्र ने रविवार, 17 अगस्त को भी कई इलाकों में भारी से अत्यधिक बारिश की चेतावनी जारी की है। विभाग ने देहरादून, बागेश्वर और पिथौरागढ़ के लिए ऑरेंज अलर्ट घोषित किया है, जबकि उत्तरकाशी, चमोली, रुद्रप्रयाग और नैनीताल जिलों में येलो अलर्ट लागू किया गया है।
मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले दिनों में बारिश की तीव्रता और भी बढ़ सकती है। फिलहाल, प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में नदी-नाले उफान पर हैं, जिससे बाढ़ और भूस्खलन का खतरा मंडरा रहा है। प्रशासन ने नागरिकों को सतर्क रहने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की है। खासतौर पर पहाड़ी मार्गों पर यात्रा करने वालों को चेताया गया है कि वे बिना जरूरत यात्रा से बचें।
मौसम विभाग का अनुमान है कि 20 अगस्त तक राज्य के अधिकांश जिलों में तेज बारिश जारी रह सकती है। इससे पहले भी पिछले हफ्ते भारी बारिश के कारण कई जगह भूस्खलन हुआ था और सड़कें अवरुद्ध हो गई थीं। प्रशासन ने आपदा प्रबंधन एजेंसियों और बचाव दलों को अलर्ट पर रखा है।
जल संरक्षण एवं आपदा प्रबंधन विभाग ने सभी जिलाधिकारियों को निर्देश जारी किए हैं कि वे नदी-नालों की सतत निगरानी रखें और प्रभावित इलाकों में राहत कार्यों को तेज करें। कई जगहों पर राहत शिविर बनाए जा रहे हैं और मेडिकल टीमों की तैनाती भी की जा रही है ताकि जरूरतमंद लोगों तक तुरंत सहायता पहुँच सके। वहीं, ग्रामीण इलाकों में बारिश से आवागमन बाधित होने की आशंका को देखते हुए वैकल्पिक इंतजाम किए जा रहे हैं।
स्थानीय प्रशासन लगातार निचले इलाकों के लोगों को अलर्ट कर रहा है और उन्हें सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट करने की तैयारी की जा रही है। इसके अलावा, संवेदनशील मार्गों पर अतिरिक्त पुलिस और एसडीआरएफ की तैनाती की गई है।
मौसम विज्ञान केंद्र ने जनता से अपील की है कि वे मौसम संबंधी चेतावनी का पालन करें, नदी-नालों के पास न जाएं और पूरी सावधानी बरतें। प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि भारी बारिश के चलते संभावित आपदाओं से निपटने के लिए सभी विभाग पूरी तरह से तैयार हैं।



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