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post authorAdmin 17 Aug 2025

लैंसडौन की बहू-बेटियों पर टूटा दुख का पहाड़: मचैल माता मंदिर में बादल फटने से दीपा और नीता की मौत,.

देहरादून/लैंसडौन: उत्तराखंड के लैंसडौन से ताल्लुक रखने वाले अग्रवाल परिवार के लिए गुरुवार का दिन किसी काले साए से कम नहीं रहा। जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ जिले स्थित प्रसिद्ध मचैल माता मंदिर में दर्शन के दौरान बादल फटने की भयानक घटना में लैंसडौन निवासी दीपा अग्रवाल (50) और उनकी जेठानी नीता अग्रवाल की मौत हो गई। इस घटना से पूरा परिवार शोक और सदमे में डूब गया है।

जानकारी के मुताबिक, दीपा अग्रवाल अपने पति संदीप अग्रवाल, बेटे दक्ष अग्रवाल (16), जेठ अशोक अग्रवाल और जेठानी नीता अग्रवाल के साथ माता के दर्शन के लिए मचैल मंदिर पहुंचे थे। पूजा अर्चना के बाद परिवार मंदिर परिसर में लगे लंगर में बैठा था। तभी अचानक तेज बारिश के बीच बादल फट गया और देखते ही देखते सैलाब आ गया। इस मलबे और पानी की चपेट में दीपा और नीता आ गईं। संदीप, अशोक और दक्ष किसी तरह सुरक्षित बच निकले।

हादसे की खबर मिलते ही अग्रवाल परिवार के लैंसडौन और ऊधम सिंह नगर स्थित रिश्तेदारों के बीच कोहराम मच गया। घर-परिवार में मातम पसर गया। मृतकों के मायके और ससुराल दोनों जगहों पर गहरी शोक की लहर है। रिश्तेदार और स्थानीय लोग पीड़ित परिवार को ढांढस बंधाने पहुंच रहे हैं।

दीपा अग्रवाल के भाई और लैंसडौन व्यापार मंडल के सचिव मोहित गुप्ता ने कहा कि परिवार बेहद खुश होकर माता के दर्शन करने गया था। मंदिर में पूजा और लंगर के बाद सब लोग आनंदित थे, लेकिन अचानक आए इस भीषण सैलाब ने सब कुछ उजाड़ दिया। उन्होंने इसे परिवार की खुशियों को पल भर में खत्म कर देने वाली त्रासदी बताया।

घटना के बाद जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने राहत और बचाव कार्य शुरू कर दिया। अधिकारियों ने बताया कि किश्तवाड़ और आसपास के क्षेत्रों में भारी बारिश और बादल फटने जैसी आपदाओं की संभावना बनी रहती है, इसलिए लोगों को सतर्क रहने की आवश्यकता है।

इस हादसे ने एक बार फिर प्राकृतिक आपदाओं की भयावहता को उजागर कर दिया है। विशेषज्ञों का कहना है कि पर्वतीय और संवेदनशील क्षेत्रों में आपदा प्रबंधन और बचाव व्यवस्था को और मजबूत करने की आवश्यकता है। अग्रवाल परिवार के इस दुखद हादसे ने पूरे उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर को झकझोर कर रख दिया है।