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post authorAdmin 05 Sep 2025

देहरादून में “फर्जी शादी” पार्टी का विवाद, सामाजिक और धार्मिक समूहों में गहरी नाराजगी.

सोशल मीडिया पर इन दिनों एक अनोखे और विवादित आयोजन का निमंत्रण तेजी से वायरल हो रहा है। 6 सितंबर को एक व्यावसायिक प्रतिष्ठान द्वारा आयोजित की जाने वाली इस पार्टी को “फर्जी शादी” का नाम दिया गया है। यह आयोजन बिल्कुल शादी के कार्ड की तरह छपे निमंत्रण पत्र में प्रचारित किया गया है, जिसमें लिखा है—“सबसे मजेदार नकली शादी।” इसमें स्पष्ट रूप से उल्लेख किया गया है कि यहां न दूल्हा होगा और न दुल्हन, केवल बाराती और मेहमान मौज-मस्ती करेंगे।

पार्टी में भाग लेने वाले लोग सांस्कृतिक परिधानों में सजेंगे और जाम छलकाए जाएंगे। युवकों को कुर्ता और युवतियों को भारतीय परिधान पहनने का ड्रेस कोड तय किया गया है, साथ ही युवतियों को हाथों में मेहंदी लगानी होगी। यह आयोजन बड़े शहरों जैसे गोवा, गुरुग्राम, मुंबई और दिल्ली में आम देखा जाता है, लेकिन अब इसका ट्रेंड देवभूमि उत्तराखंड के राजधानी शहर देहरादून में पहुंचा है।

इस आयोजन को लेकर सोशल मीडिया पर विवाद ने जोर पकड़ लिया है। कई संगठन और नागरिक इसे भारतीय रीति-रिवाजों का मजाक और परंपराओं का अपमान बता रहे हैं। हिंदूवादी संगठनों ने इसे धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुँचाने वाला बताया। बजरंग दल के प्रांत मिलन प्रमुख विकास वर्मा ने कहा कि देवभूमि की संस्कृति और छवि को धूमिल करने वाले ऐसे आयोजनों को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। वहीं, हिंदू रक्षा दल के प्रदेश अध्यक्ष ललित शर्मा ने चेतावनी दी कि अगर यह आयोजन बंद नहीं हुआ तो सख्त विरोध और प्रदर्शन किया जाएगा।

पुलिस ने भी मामले की गंभीरता को ध्यान में रखते हुए आयोजकों को हिदायत दी है। पुलिस ने साफ कहा कि यदि कोई गतिविधि धार्मिक भावनाओं को आहत करती पाई गई, तो इसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

हालांकि कुछ लोग इसे केवल एक मजेदार थीम पार्टी मान रहे हैं, लेकिन अधिकांश नागरिक और संगठनों का विरोध लगातार बढ़ रहा है। अब सभी की निगाहें प्रशासन पर टिकी हैं कि क्या यह “फर्जी शादी” आयोजन वास्तविकता में होगा या विरोध और सुरक्षा कारणों से इसे रोक दिया जाएगा। इस विवाद ने देहरादून में सामाजिक और सांस्कृतिक संवेदनाओं पर गहन बहस शुरू कर दी है।