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post authorAdmin 08 Sep 2025

देहरादून में दिव्यांगों का जोरदार प्रदर्शन, पेंशन 5,000 रुपये करने और बिना ब्याज लोन की मांग.

 उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में सोमवार को दिव्यांगजन अपनी मांगों को लेकर सड़कों पर उतर आए। विभिन्न जिलों से आए दिव्यांगों ने मुख्यमंत्री आवास की ओर कूच किया और जमकर प्रदर्शन किया। उनकी मुख्य मांग थी कि वर्तमान में दी जा रही 1,500 रुपये की पेंशन को बढ़ाकर 5,000 रुपये किया जाए। साथ ही उन्होंने बिना ब्याज के लोन और रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने की भी मांग उठाई।

जानकारी के अनुसार, दिव्यांग संगठन बड़ी संख्या में हाथीबड़कला इलाके तक पहुंचे। पुलिस ने उन्हें रोकने का प्रयास किया, लेकिन प्रदर्शनकारी मुख्यमंत्री आवास तक पहुंच गए। सीएम आवास के बाहर दिव्यांगों ने नारेबाजी की और कुछ समय के लिए माहौल तनावपूर्ण भी हो गया।

स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस और प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। एसएसपी अजय सिंह और सिटी मजिस्ट्रेट प्रत्यूष सिंह ने प्रदर्शनकारियों को शांत करने का प्रयास किया। हालांकि सुरक्षा कारणों से पुलिस ने कई दिव्यांगों को हिरासत में ले लिया।

प्रदर्शन में शामिल दिव्यांगों का कहना था कि वर्तमान पेंशन उनकी बुनियादी जरूरतों को पूरा करने के लिए पर्याप्त नहीं है। महंगाई और रोज़मर्रा की चुनौतियों के बीच 5,000 रुपये की पेंशन से उन्हें आर्थिक सहारा मिलेगा। इसके अलावा, बिना ब्याज के लोन और रोजगार के अवसर उन्हें आत्मनिर्भर बनने में मदद करेंगे।

स्थानीय नागरिकों और सामाजिक संगठनों का कहना है कि यह प्रदर्शन सरकार और समाज दोनों के लिए एक संदेश है कि दिव्यांगों की समस्याओं को गंभीरता से समझने और हल करने की जरूरत है। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि उनकी मांगें केवल सुविधा नहीं बल्कि उनके अधिकारों से जुड़ी हैं।

इस पूरे घटनाक्रम ने प्रदेश में दिव्यांगों के मुद्दों और उनके अधिकारों की सुरक्षा को एक बार फिर सुर्खियों में ला दिया है। अब सबकी निगाहें सरकार पर टिकी हैं कि वह उनकी मांगों पर क्या ठोस कदम उठाती है। साथ ही यह भी चुनौती है कि भविष्य में इस तरह के प्रदर्शनों के दौरान प्रशासन सुरक्षा और व्यवस्था कैसे बनाए रखे।