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post authorAdmin 29 Jun 2025

कांवड़ यात्रा नहीं रुकेगी, आयोग ने मानसून और यात्रा को ध्यान में रखकर तय किया पंचायत चुनाव कार्यक्रम.

उत्तराखंड में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव की संशोधित तिथियां घोषित करते समय राज्य निर्वाचन आयोग ने सावधानीपूर्वक योजना बनाई है। इस बार चुनाव कार्यक्रम को इस तरह तय किया गया है, जिससे कांवड़ यात्रा और मानसून से जुड़ी समस्याएं चुनाव प्रक्रिया में बाधा न बनें।

राज्य निर्वाचन आयुक्त सुशील कुमार ने बताया कि 11 से 23 जुलाई के बीच कांवड़ यात्रा होती है, जिसमें लाखों श्रद्धालु उत्तराखंड पहुंचते हैं। इस दौरान कई मार्गों पर यातायात बाधित रहता है और सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए भारी संख्या में पुलिस बल की तैनाती जरूरी होती है। ऐसे में आयोग ने कांवड़ यात्रा के बाद ही मतदान कराने का फैसला लिया, ताकि प्रशासनिक व्यवस्थाओं पर दबाव न पड़े।

इसके साथ ही मानसून को देखते हुए पंचायत चुनाव को दो चरणों में कराया जाएगा। पहले चरण में उन जिलों में चुनाव होंगे, जहां बारिश से ज्यादा नुकसान की संभावना है, जैसे रुद्रप्रयाग और बागेश्वर। वहीं दूसरे चरण में अपेक्षाकृत सुरक्षित क्षेत्रों में मतदान होगा।

आपदा प्रबंधन विभाग के साथ समन्वय बनाकर आयोग ने विशेष योजना तैयार की है। मतदान कर्मियों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए हेलिकॉप्टर की मदद भी ली जा सकती है। प्रत्येक जिले में स्थानीय आपदा जोखिमों के अनुसार अलग-अलग योजनाएं बनाई जा रही हैं, ताकि बारिश, भूस्खलन या अन्य संकट के बीच भी चुनाव प्रक्रिया प्रभावित न हो।

आयोग का उद्देश्य है कि लोकतांत्रिक प्रक्रिया और धार्मिक यात्राएं दोनों सुचारू रूप से संपन्न हों और जनता को किसी प्रकार की असुविधा न हो।