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post authorAdmin 30 Jun 2025

उत्तराखंड पंचायत चुनाव 2025: पारदर्शिता और तकनीक के साथ कई नए बदलाव, पहली बार ऑनलाइन नतीजे.

उत्तराखंड में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव 2025 को लेकर तैयारियां जोरों पर हैं। इस बार चुनाव प्रक्रिया में कई बड़े बदलाव देखने को मिलेंगे। राज्य निर्वाचन आयोग ने मतदाताओं की सुविधा और चुनाव में पारदर्शिता बढ़ाने के लिए नई व्यवस्थाएं लागू की हैं। खास बात यह है कि पहली बार पंचायत चुनाव के नतीजे ऑनलाइन जारी किए जाएंगे।

ऑनलाइन वोटर लिस्ट

राज्य निर्वाचन आयोग ने पहली बार मतदाता सूची को ऑनलाइन किया है। मतदाता अब घर बैठे आयोग की वेबसाइट https://secresult.uk.gov.in/votersearch/searchvotermapping पर जाकर अपने नाम से वोटर लिस्ट सर्च कर सकते हैं या पूरी लिस्ट डाउनलोड कर सकते हैं। इससे मतदाताओं और प्रत्याशियों को अपने नाम तलाशने में कोई कठिनाई नहीं होगी।

चुनाव खर्च की सीमा बढ़ाई गई

इस बार विभिन्न पदों के लिए चुनावी खर्च की सीमा में भी बदलाव किया गया है। उदाहरण के तौर पर ग्राम प्रधान की खर्च सीमा 50,000 से बढ़ाकर 75,000 रुपये कर दी गई है, वहीं जिला पंचायत अध्यक्ष की सीमा 3.5 लाख से बढ़ाकर 4 लाख रुपये कर दी गई है। बीडीसी, क्षेत्र पंचायत प्रमुख, कनिष्ठ और ज्येष्ठ उपप्रमुख जैसे सभी पदों के लिए खर्च सीमा को यथासंभव बढ़ाया गया है।

खर्च की सख्त निगरानी

बढ़ी हुई खर्च सीमा के साथ-साथ अब इसकी निगरानी भी पहले से ज्यादा सख्त होगी। प्रत्येक जिले में खर्च की निगरानी के लिए एक विशेष अधिकारी की तैनाती की जा रही है, जो कभी भी प्रत्याशियों से खर्च का ब्यौरा मांग सकते हैं।

ड्यूटी तैनाती के लिए सॉफ्टवेयर

इस बार चुनावी ड्यूटी के लिए भी तकनीक का सहारा लिया जा रहा है। आयोग पहली बार मतदान और मतगणना कर्मचारियों की तैनाती के लिए रेंडमाइजेशन सॉफ्टवेयर का उपयोग करेगा। इससे सभी अधिकारियों और कर्मचारियों की नियुक्ति निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से हो सकेगी।

इस बार के चुनाव में कुल 95,909 अधिकारी व कर्मचारी ड्यूटी पर तैनात किए जाएंगे। इसमें 11,849 पीठासीन अधिकारी, 47,910 मतदान अधिकारी, 450 जोनल व सेक्टर मजिस्ट्रेट, नोडल व प्रभारी अधिकारी और 35,700 सुरक्षाकर्मी शामिल होंगे।

चुनाव आयोग का दावा है कि इन सभी बदलावों से चुनाव प्रक्रिया अधिक पारदर्शी, निष्पक्ष और तकनीकी रूप से उन्नत होगी।