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post authorAdmin 04 Jul 2025

भारी बारिश से थमी चारधाम यात्रा की रफ्तार, श्रद्धालुओं की संख्या में पांच गुना गिरावट.

उत्तराखंड में मानसून की दस्तक के बाद भारी बारिश और भूस्खलन ने चारधाम यात्रा की रफ्तार को काफी हद तक प्रभावित किया है। पिछले दो हफ्तों में चारधाम और हेमकुंड साहिब में दर्शन करने वाले श्रद्धालुओं की संख्या में पांच गुना तक गिरावट दर्ज की गई है। पर्यटन विभाग की रिपोर्ट के अनुसार, 20 जून तक प्रतिदिन 70,000 से अधिक श्रद्धालु चारधामों में दर्शन कर रहे थे, लेकिन अब यह संख्या घटकर करीब 13,000 रह गई है।

वर्तमान में केदारनाथ, बदरीनाथ, गंगोत्री और हेमकुंड साहिब की यात्रा सीमित रूप से संचालित हो रही है, जबकि यमुनोत्री यात्रा बीते पांच दिनों से पूरी तरह ठप है। यमुनोत्री हाईवे पर सिलाई बैंड और ओजरी में बादल फटने की घटनाओं के कारण मार्ग बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया है, जिससे यात्रियों की आवाजाही पर रोक लगी हुई है।

बारिश के कारण प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में भूस्खलन, सड़कें अवरुद्ध होने और जानमाल के खतरे की आशंका को देखते हुए मौसम विभाग ने रेड अलर्ट जारी किया था। इसके चलते सरकार को चारधाम यात्रा को 24 घंटे के लिए अस्थायी रूप से रोकना पड़ा था। इसके बाद यात्रा दोबारा शुरू तो हुई, लेकिन श्रद्धालुओं की संख्या में लगातार गिरावट देखने को मिल रही है।

तीन जुलाई को जारी आंकड़ों के मुताबिक, बदरीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री और हेमकुंड साहिब में कुल मिलाकर 13,000 से अधिक श्रद्धालुओं ने दर्शन किए। जबकि मानसून सक्रिय होने से पहले यह संख्या प्रतिदिन 60-70 हजार तक पहुँच रही थी। यह स्पष्ट संकेत है कि खराब मौसम और सुरक्षा जोखिमों ने यात्रियों के उत्साह को कम कर दिया है।

प्रशासन लगातार तीर्थयात्रियों से सतर्कता बरतने और यात्रा से पहले मौसम व मार्ग की जानकारी लेने की अपील कर रहा है। वहीं, आपदा प्रबंधन टीमें हाई अलर्ट पर हैं और सभी धामों के मार्गों पर निगरानी बढ़ा दी गई है, ताकि किसी भी आपात स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटा जा सके।