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post authorAdmin 28 Sep 2025

भगवान रुद्रनाथ मंदिर के कपाट 17 अक्तूबर को बंद होंगे !.

भगवान रुद्रनाथ  मंदिर के कपाट 17 अक्तूबर को बंद होंगे ! विधिवत पूजा अर्चना के बाद परम्परानुरूप प्रस्थान करेगी डोली

 

17 को सुबह ब्रह्ममुहुर्त में पूजा-अर्चना के बाद रुद्रनाथ की चल विग्रह डोली गोपीनाथ मंदिर के लिए प्रस्थान करेगी। इस वर्ष बरसात के चलते रुद्रनाथ मंदिर की तीर्थयात्रा भी खासी प्रभावित रही।

 

चतुर्थ केदार रुद्रनाथ मंदिर के कपाट 17 अक्तूबर को शीतकाल के लिए बंद कर दिए जाएंगे। इसके बाद छह माह तक भगवान रुद्रनाथ के दर्शन शीतकालीन गद्दीस्थल गोपेश्वर के गोपीनाथ मंदिर में होंगे। जहां शीतकालीन पूजा होंगी।

 

पूर्व क्षेत्र पंचायत सदस्य देवेंद्र सिंह नेगी ने बताया कि 17 को सुबह ब्रह्ममुहुर्त में पूजा-अर्चना के बाद रुद्रनाथ की चल विग्रह डोली गोपीनाथ मंदिर के लिए प्रस्थान करेगी। इस वर्ष बरसात के चलते रुद्रनाथ मंदिर की तीर्थयात्रा भी खासी प्रभावित रही।

हालांकि केदारनाथ वन्यजीव प्रभाग की ओर से हक-हकूकधारी गांवों में ईडीसी (इको पर्यटन कमेटी) का गठन करने से तीर्थयात्रियों को बुग्याल क्षेत्रों में रहने व खाने की बेहतर सुविधाएं मिली हैं। 

 

रुद्रनाथ मंदिर

रुद्रनाथ मन्दिर भारत के उत्तराखण्ड राज्य के चमोली जिले में स्थित भगवान शिव का एक मन्दिर है जो कि पञ्चकेदार में से एक है।

समुद्रतल से 2290 मीटर की ऊंचाई पर स्थित रुद्रनाथ मंदिर भव्य प्राकृतिक छटा से परिपूर्ण है। रुद्रनाथ मंदिर में भगवान शंकर के एकानन यानि मुख की पूजा की जाती है, जबकि संपूर्ण शरीर की पूजा नेपाल की राजधानी काठमांडू के पशुपतिनाथ में की जाती है। रुद्रनाथ मंदिर के सामने से दिखाई देती नन्दा देवी और त्रिशूल की हिमाच्छादित चोटियां यहां का आकर्षण बढाती हैं।