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post authorAdmin 10 Sep 2025

Chamoli: एबीवीपी छात्रों का उग्र आंदोलन, पेट्रोल लेकर कॉलेज की छत पर चढ़े छात्र, सरकार पर लापरवाही का आरोप.

चमोली जिले के गोपेश्वर स्थित राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय में एबीवीपी छात्रों का आंदोलन दिनों-दिन उग्र होता जा रहा है। बीते एक सप्ताह से जारी आंदोलन ने बुधवार को तब उग्र रूप ले लिया जब कुछ छात्र पेट्रोल की बोतल लेकर कॉलेज की छत पर चढ़ गए और प्रदेश सरकार व शिक्षा मंत्री धनसिंह रावत के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।

अचानक हुई इस घटना से कॉलेज परिसर में अफरा-तफरी मच गई। छात्रों ने प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए आत्मदाह तक की चेतावनी दे डाली। करीब एक घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद पुलिस ने गेट खोलकर छत पर चढ़े छात्रों को नीचे उतारा। इसके बाद छात्र जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे और अपनी मांगें रखीं। जिलाधिकारी ने छात्रों को आश्वासन दिया कि उनकी समस्याओं पर विश्वविद्यालय प्रशासन को पत्र भेजा जाएगा और जल्द समाधान का प्रयास किया जाएगा।

एबीवीपी से जुड़े छात्रों का कहना है कि लंबे समय से कॉलेज में शैक्षिक और बुनियादी सुविधाओं की भारी कमी बनी हुई है। परीक्षा परिणामों में लगातार त्रुटियां सामने आ रही हैं, जिससे छात्र-छात्राओं का भविष्य प्रभावित हो रहा है। वहीं, समर्थ पोर्टल का लॉगइन और आईडी न मिलने से भी प्रशासनिक कार्यों में दिक्कतें बढ़ रही हैं।

छात्रों ने कई मांगें रखी हैं जिनमें परीक्षा परिणाम सुधार, पीजी कॉलेज को श्रीदेव सुमन विवि का कैंपस बनाना, निदेशक की नियुक्ति, हेल्प डेस्क की स्थापना और शुद्ध पेयजल की सुविधा शामिल हैं। इसके अलावा छात्र-छात्राओं के लिए शौचालय और कॉमन रूम की व्यवस्था, छात्रावासों का सुधार, रिक्त पदों पर शिक्षकों व सफाईकर्मियों की नियुक्ति और गृह विज्ञान व संगीत की कक्षाओं की शुरुआत जैसी मांगें भी प्रमुख हैं।

अनशन पर बैठे छात्र पवन कुमार ने बुधवार को भी अपना उपवास जारी रखा। एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों का समाधान जल्द नहीं किया गया तो आंदोलन और अधिक उग्र रूप लेगा।

गोपेश्वर कॉलेज का यह आंदोलन अब जिले की राजनीति और प्रशासनिक चर्चाओं का बड़ा मुद्दा बन चुका है। छात्र नेताओं का कहना है कि उनकी लड़ाई केवल अपने अधिकारों तक सीमित नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के बेहतर भविष्य के लिए भी है। यदि सरकार ने समय रहते कोई ठोस कदम नहीं उठाया, तो यह आंदोलन और भी गंभीर हो सकता है।