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post authorAdmin 20 Oct 2025

केदारनाथ मंदिर: कपाट बंद होने की प्रक्रिया जारी, आज से बिना शृंगार के होगी भोलेनाथ की आरती, भव्य सजा मंदिर.

केदारनाथ मंदिर के कपाट 23 अक्तूबर को भैया दूज पर्व पर सुबह 8:30 बजे शीतकाल के लिए बंद होंगे। पंचांग पूजा के बाद मंदिर के कपाट बंद होने की तिथि तय की गई। कपाट बंद होने के बाद उसी दिन बाबा केदार की पंचमुखी उत्सव डोली शीतकालीन गद्दीस्थल ओंकारेश्वर मंदिर ऊखीमठ के लिए रवाना होगी।

 

केदारनाथ मंदिर में कपाट बंद होने की प्रक्रिया के तहत रविवार को भकुंट भैरव की आज्ञा लेने के बाद मंदिर के गर्भगृह से स्वयंभू लिंग के ठीक ऊपर स्थापित सोने का छत्र और कलश उतार दिया गया है। इससे पूर्व केदारसभा की ओर से केदार बाबा की विशेष पूजा संपन्न कराई गई।


 

आज सोमवार से भगवान की बिना शृंगार के आरती होगी। पंचपंडा रुद्रपुर के हक-हकूकधारियों ने यह प्रक्रिया संपन्न की। इस मौके पर केदारसभा के अध्यक्ष राजकुमार तिवारी, महामंत्री अंकित सेमवाल, अनीत शुक्ला, ब्लॉक प्रमुख पंकज शुक्ला, नवीन शुक्ला, दीपक, हिमांशु, विनोद आदि मौजूद रहे।

 

वहीं केदारनाथ मंदिर कपाट बंद होने से पूर्व गेंदे के फूलों से सजाया जा रहा है। केदार सभा के अध्यक्ष राजकुमार तिवारी ने बताया कि मंदिर को तीन क्विंटल गेंदे के फूलों से सजाया जा रहा है।

 

बदरी-केदार में दीपावली सोमवार को मनाई जा रही। दीपोत्सव के लिए बदरी-केदार को फूलों से सजाया गया है।


बदरीनाथ मंदिर को गेंदे के फूलों से सजाया गया है, साथ ही गुलाब व अन्य फूलों से आकर्षक आकृतियां उकेरी गई हैं। बदरीनाथ धाम में बीकेटीसी तीर्थ पुरोहितों व हक हकूकधारियों के सहयोग से दीपोत्सव मनाएगी।

डिमरी केंद्रीय पंचायत, मेहता, भंडारी, हकहकूकधारियों के साथ दीप प्रज्जवलित किए जाएंगे।

 

धाम पहुंचे मुंबई, गुजरात, सिलीगुड़ी से आए श्रद्धालुओं का कहना है कि फूलों से सजा बदरीनाथ मंदिर भव्य और आकर्षक लग रहा है। यह उत्साह करने वाला पल है। बीकेटीसी के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने बताया कि दीपावली के लिए मंदिर परिसर के साथ ही मार्गों को भी दीपों से सजाया गया है।