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post authorAdmin 24 Oct 2025

कानून के हाथ लम्बे किन्तु पैर छोटे हैं: पुलिस के खिलाफ केस दर्ज कराने में ASI के बेटे को लगे ढाई महीने…!.

ये सिस्टम है! पुलिस के खिलाफ केस दर्ज कराने में ASI के बेटे को लगे ढाई महीने…! इससे तो यही लगता है कि  कानून के हाथ लम्बे किन्तु पैर  छोटे हैं !

देहरादून में एक महिला एएसआई के बेटे और उसके दोस्तों से मारपीट के मामले में पुलिस को टालमटोल के बाद आखिरकार कोर्ट के आदेश पर ढाई महीने बाद चार पुलिसकर्मियों के खिलाफ राजपुर थाने में मुकदमा दर्ज करना पड़ा।

महिला एएसआई के बेटे से मारपीट के मामले में दारोगा समेत चार पुलिसकर्मियों पर मुकदमा दर्ज करने में पुलिस को ढाई महीने लग गए। मामले में टालमटोल कर रही पुलिस को आखिरकार कोर्ट के आदेश पर मुकदमा दर्ज करना ही पड़ा।

पुलिस को दी तहरीर में कुनाल चौधरी निवासी राजपुर ने बताया कि छह अगस्त की रात वह अपने दोस्त चैतन्य और समीर के साथ कार से मसूरी रोड से गुजर रहा था। मसूरी डाइवर्जन रोड चेक पोस्ट पर पुलिसकर्मियों ने कार को रोका बिना जांच शराब पीकर कार चलाने के आरोप में चालान कर दिया। विरोध करने पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज करने की धमकी दी। इस डर से युवकों ने भागने की कोशिश की। आरोप है कि पुलिसकर्मियों ने पकड़कर उन्हें पीटना शुरू कर दिया। लात-घूंसों और बंदूक की बट से उन्हें पीटा गया। पुलिसकर्मी उन्हें पीटते हुए थाने ले गए और लॉकअप में बंद कर दिया। इससे पहले चैतन्य ने कुनाल की मां विजय चौधरी को फोन पर घटना की जानकारी दे दी थी। विजय चौधरी देहरादून पुलिस लाइन में एएसआई हैं। रात करीब एक बजे परिजन थाने पहुंचे और कुनाल को लॉकअप में बंद किए जाने की वीडियो बनाई। सात अगस्त को उसका मेडिकल परीक्षण कराया गया।

अधिकारियों से शिकायत पर भी नहीं हुई कार्रवाई

कुनाल चौधरी ने बताया कि उसके माता और पिता पुलिस विभाग में कार्यरत हैं। इस मामले में वह एसएसपी से मिले तो जांच एसपी सिटी को सौंपी गई। कार्रवाई नहीं होने पर 11 अगस्त को पुलिस महानिदेशक, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को प्रार्थनापत्र दिया गया, लेकिन मुकदमा दर्ज नहीं किया। एसओ राजपुर प्रदीप रावत ने कहा कि कोर्ट के आदेश पर अपर उपनिरीक्षक मदन सिंह बिष्ट वर्तमान तैनाती राजपुर थाना, दरोगा मुकेश नेगी वर्तमान तैनाती नेहरू कालोनी सहित पीएसी के जवान नवीन चंद्र जोशी और परविंदर के खिलाफ राजपुर थाने में मुकदमा दर्ज किया गया है।