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post authorAdmin 10 Oct 2025

मुकेश अंबानी पहुंचे उत्तराखंड, बदरीनाथ-केदारनाथ में किया विशेष पूजा-अर्चना.

रिलायंस इंडस्ट्रीज़ के चेयरमैन मुकेश अंबानी ने गुरुवार को अपने परिवार के साथ उत्तराखंड स्थित बद्रीनाथ धाम में पूजा-अर्चना की। बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष तथा बीकेटीसी के पूर्व सीईओ बीडी सिंह ने पवित्र तीर्थस्थल पर अंबानी परिवार का स्वागत किया।

उन्होंने अपने निजी हेलिकॉप्टर और विशेष विमान के माध्यम से इस धार्मिक यात्रा को संपन्न किया।

मुकेश अंबानी सुबह करीब 8:00 बजे देहरादून एयरपोर्ट पहुंचे। एयरपोर्ट पर उनका स्वागत नहीं किया गया, क्योंकि यह निजी यात्रा थी। इसके बाद सुबह 8:30 बजे वह दो हेलिकॉप्टरों के माध्यम से बदरीनाथ और केदारनाथ के दर्शनों के लिए रवाना हुए। एयरपोर्ट सूत्रों के अनुसार, दोनों धामों में उन्होंने विशेष पूजा-अर्चना की और आशीर्वाद प्राप्त किया।

बदरीनाथ और केदारनाथ धामों में पहुँचने पर मुकेश अंबानी और उनके साथ आए अन्य लोग मंदिर परिसर में पूजा-अर्चना में शामिल हुए। उन्होंने स्थानीय पुजारियों से दर्शन कर आशीर्वाद लिया। इस अवसर पर श्रद्धालुओं और स्थानीय नागरिकों ने भी उन्हें सम्मानित किया और उनके स्वास्थ्य और परिवार की खुशहाली के लिए प्रार्थना की।

पूजा-अर्चना के बाद मुकेश अंबानी और उनका दल दोपहर तक हेलिकॉप्टर के माध्यम से देहरादून वापस आए। वहां से वह अपने विशेष विमान के माध्यम से अगले गंतव्य के लिए रवाना हो गए। इस यात्रा के दौरान सुरक्षा और प्रशासनिक व्यवस्था पूरी तरह सुनिश्चित की गई। उत्तराखंड पुलिस और स्थानीय प्रशासन ने उनके सुरक्षित दर्शन और यात्रा के लिए आवश्यक इंतजाम किए।

मुकेश अंबानी की यह धार्मिक यात्रा उत्तराखंड में कई लोगों के लिए प्रेरणादायक रही। उनकी उपस्थिति से स्थानीय पर्यटन और धार्मिक स्थलों की महत्वपूर्ण भूमिका भी उजागर हुई। बदरीनाथ और केदारनाथ धामों में उनकी पूजा-अर्चना से स्थानीय भक्तों में भी उत्साह और श्रद्धा की भावना देखने को मिली। यह यात्रा न केवल उनके व्यक्तिगत आस्था का प्रतीक रही बल्कि उत्तराखंड के धार्मिक पर्यटन के महत्व को भी दर्शाती है।

पिछले साल, अंबानी अपने सबसे छोटे बेटे अनंत अंबानी की मंगेतर राधिका मर्चेंट के साथ बद्रीनाथ धाम और केदारनाथ धाम गए थे। उन्होंने मंदिरों की संयुक्त समिति, बद्री-केदार मंदिर समिति (बीकेटीसी) को ₹5 करोड़ का दान दिया था।