*इस वर्ष के अनुभव के आधार पर किया जाएगा यात्री सुरक्षा और सुविधाओं में इजाफा
*केदारनाथ-यमुनोत्री पर विशेष फोकस, यहां पैदल मार्ग से जाना पड़ता है श्रद्धालुओं को
“इस बार प्रतिकूल मौसम के बाद भी चारधाम यात्रा में श्रद्धालुओं का उत्साह चरम पर है। हमारी सरकार की कोशिश है प्रत्येक यात्री को ज्यादा से ज्यादा सुरक्षा और सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं।”
- पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री
देहरादून: उत्तराखंड में चारधाम यात्रा मार्गों पर सुरक्षा इंतजाम तथा यात्री सुविधाओं को और बढ़ाया जाएगा। खासकर केदारनाथ और यमुनोत्री मंदिर के रूट को प्राथमिकता से लिया जाएगा। इन दोनों धामों तक पहुंचने को श्रद्धालुओं को लंबा पैदल सफर करना पड़ता है। मानसून सीजन में प्राकृतिक आपदाओं की वजह से हुए नुकसान को देखते हुए चारधाम यात्रा मार्ग पर सुरक्षा और सुविधाओं को और बेहतर बनाने का निर्णय किया है। शुक्रवार को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने दून यूनिवर्सिटी में मीडिया से बातचीत में यह बातें कहीं।
मुख्यमंत्री ने कहा, तमाम प्रतिकूल हालात के बावजूद भी इस वर्ष चारधाम यात्रा के लिए श्रद्धालुओं का उत्साह चरम पर है। श्री बदरीनाथ और श्री
केदारनाथ धाम में यात्रियों की संख्या पिछले साल का रिकार्ड तोड़ चुकी है। इस वर्ष प्राकृतिक आपदाओं की वजह से काफी नुकसान हुआ।
यात्रा मार्ग भी काफी प्रभावित हुए हैं। ऐसे में इस वर्ष के अनुभवों को आधार बनाते हुए यात्रा मार्गों को और सुगम, सुरक्षित और सुविधायुक्त बनाने का निर्णय लिया है। इसके लिए ठोस कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए हैं। इसके तहत निर्बाध बिजली सप्लाई, पेयजल की उपलब्धता, बारिश की स्थिति में सुरक्षित शेल्टर, स्वास्थ्य सेवाएं, पार्किंग, परिवहन सेवाओं का विस्तार आदि शामिल हैं।
शीतकालीन यात्रा पर फोकस :
इस साल मानसून में तीर्थाटन व पर्यटन को हुए नुकसान को पाटने के लिए सरकार शीतकालीन यात्रा पर विशेष जोर देगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले साल शीतकालीन पर्यटन के प्रयोग को प्रमुखता से शुरू किया गया था। इसका अच्छा परिणाम मिला। इस साल भी राष्ट्रीय स्तर पर शीतकालीन पर्यटन को प्रोत्साहित किया जाएगा।
इससे रोजगार के मौके बनेंगे। साथ ही पर्यटन कारोबारियों को मानसून की वजह से हुए नुकसान की काफी कुछ भरपाई होने की उम्मीद है।
डीएम करेंगे निगरानीः सीएम ने कहा, हर नागरिक को बेहतर सेवाएं देना हमारी प्राथमिकता है। अस्पताल, मेडिकल कॉलेजों में सुविधाएं बढ़ाई जा रही हैं। सभी डीएम को निर्देश दिए हैं कि वो नियमित रूप से अस्पताल, मेडिकल कॉलेज का निरीक्षण कर समस्याएं हल करने को कदम उठाएं।
-Source:DIPR



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