दुबई: दुबई के “बजरंगी भाईजान” के नाम से पहचाने जाने वाले गिरीश पंत केवल एक व्यक्ति नहीं, बल्कि मानवता की जीवंत मिसाल हैं। उनके विनम्र स्वभाव, करुणा और नि:स्वार्थ सेवा की भावना को शब्दों में पूरी तरह बाँध पाना मुश्किल है। समाज के प्रति उनकी सोच और समर्पण उन्हें भीड़ से अलग खड़ा करता है।
सेवा की झलक: एक छोटा सा वीडियो, एक बड़ा संदेश
वायरल वीडियो में दिखाई दे रही झलक उनके विशाल सामाजिक योगदान का मात्र एक छोटा हिस्सा है। असलियत में गिरीश पंत के लिए समाज सेवा कोई जिम्मेदारी नहीं — बल्कि उनका जीवन उद्देश्य है।
प्रवासी भारतीयों के लिए संकट में सबसे बड़ा सहारा
यूएई में रहने वाले अनेक प्रवासी भारतीयों ने मुश्किल परिस्थितियों में गिरीश पंत को अपना भरोसेमंद साथी पाया है।
उन्होंने—
- दस्तावेज़ी प्रक्रिया में सहायता,
- कानूनी मार्गदर्शन,
- अस्पताल व एम्बेसी की जटिल प्रक्रिया में सहयोग,
- और तत्काल सहायता उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
हर बार उन्होंने यह साबित किया कि सच्ची सेवा हर परिस्थिति में साथ खड़े रहने का नाम है।
भारतीय सी-फेयरर्स के लिए अमूल्य योगदान
समुद्र में फँसे भारतीय नाविकों को सुरक्षित घर पहुँचाने का काम बेहद संवेदनशील और कठिन होता है। कई ऐसी परिस्थितियों में गिरीश पंत की सक्रिय भूमिका ने अनगिनत परिवारों को राहत और खुशियाँ दीं।
उनका यह योगदान अक्सर दिखता नहीं, पर उसके प्रभाव को शब्दों में मापा नहीं जा सकता।
यूक्रेन युद्ध के दौरान भारतीय छात्रों की सहायता
यूक्रेन-रूस युद्ध के दौरान हज़ारों भारतीय छात्र भय और असुरक्षा के बीच फँसे थे। उस कठिन समय में गिरीश पंत ने लगातार समन्वय कर छात्रों को सुरक्षित स्थानों तक पहुँचाने और मदद उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका अदा की। यह केवल सामाजिक सेवा नहीं, बल्कि राष्ट्रीय कर्तव्य का अनुकरणीय उदाहरण था।
नि:स्वार्थ सेवा ही उनकी पहचान
गिरीश पंत की सबसे सुंदर बात यह है कि उन्होंने कभी भी अपने कार्यों का श्रेय लेने की कोशिश नहीं की।
उनके हर काम के पीछे केवल एक भावना रही — मानवता के लिए नि:स्वार्थ सेवा।
इसी वजह से प्रवासी भारतीय उन्हें सिर्फ एक सामाजिक कार्यकर्ता नहीं, बल्कि एक संरक्षक और प्रेरणा स्रोत मानते हैं



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